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Sonebhadra News: जेलर बनकर रुपये ठगे

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सोनभद्र। जिला कारागार गुरमा में निरुद्ध एक कैदी के परिजनों से जेलर बनकर ठगी किए जाने का मामला प्रकाश में आया है। फोन करने वाले ठगों ने बंदी के उपचार के नाम पर 15456 रुपये ले लिए। पन्नूगंज थाना क्षेत्र के एक गांव निवासी कैदी के परिजनों से ऑनलाइन हुई ठगी का मामला सामने आने के बाद पुलिस केस दर्ज कर जांच में जुटी है।
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जिला कारागार गुरमा में बंद कैदियों की जानकारी लीक होने लगी है। इसका फायदा उठाते हुए साइबर ठग घटना को अंजाम दे रहे हैं। अभी दो माह पहले केकराही क्षेत्र निवासी बंदी के अधिवक्ता को फोन कर उनसे नंबर लेकर उसके परिजनों से संपर्क कर खून और इलाज के नाम पर दस हजार से अधिक की ठगी का मामला सामने आया था। अब एक नया मामला सामने आया है। गुरमा जेल में निरुद्ध शमशाद के अधिवक्ता दिनेश कुमार को एक फोन कॉल आई। उसने खुद को जिला कारागार गुरमा का जेलर बताया। बताया कि उसके मोवक्किल की तबीयत अधिक खराब है। उसके घर वालों को मेरा नंबर देकर जानकारी जल्द दें। अधिवक्ता ने बंदी के साले पन्नूगंज थाना क्षेत्र के पुरना कला निवासी इम्तियाज हुसैन को जानकारी दी।
इम्तियाज हुसैन ने फिर उस नंबर पर फोन किया तो उसने कहा कि वह जेलर है। शमशाद की तबीयत खराब है। वह जेल अस्पताल में भर्ती है। उसे खून और इंजेक्शन चाहिए। इसके लिए 16 हजार रुपये ऑनलाइन भेज दीजिए। अगले दिन शमशाद से वीडियो कॉल पर बात करा दूंगा। घबराकर परिजनों ने दो बार में 15456 रुपये भेज दिए। जब परिजनों ने जेल जाकर पता किया तो पता चला कि शमशाद बीमार नहीं है। इस मामले में पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
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इस तरह के मामले सामने आने के बाद एसपी से पहले ही पत्राचार किया गया था। बंदियों की जानकारी कहां से लीक हो रही है, इसकी जांच के लिए फिर पत्राचार किया जाएगा। किसी बंदी के अधिवक्ता या फिर परिजनों के पास फोन आता है तो वे पैसे न भेजे। बंदियों का इलाज सरकारी खर्च पर किया जाता है। - सौरभ श्रीवास्तव, जेल अधीक्षक-जिला कारागार गुरमा।

बहन की शादी के लिए रखे रुपये ठगों ने उड़ाए
सोनभद्र। रॉबर्ट्सगंज के विकास नगर में बहन की शादी के लिए जोड़कर रखे 71 हजार रुपये एक युवक से ठग लिए गए। पुलिस केस दर्ज कर जांच में जुट गई है। रॉबर्ट्सगंज के विकास नगर निवासी रोहित को फोन आया। इसमें उसने पूछा कि आपकी बहन का नाम वैजंती है, तो उसने हां में जवाब दिया। इसके बाद उसने कहा कि वैजंती के नाम से बना पैनकार्ड सर्वर में गड़बड़ी के कारण दूसरे पते पर चला गया है। आपके एड्रेस पर भेजने के लिए पेन कार्ड अपडेट करना पड़ेगा। इसके लिए पांच रुपये का ऑनलाइन पेमेंट कराया। इसके बाद लिंक भरने को कहा। डिटेल सबमिट करते ही खाते से 71 हजार रुपये कट गए। यह पैसा उसने बहन की शादी के लिए रखे थे। पुलिस केस दर्ज कर जांच में जुटी है।
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