सोनभद्र। परमाणु खनिज अन्वेषण एवं अनुसंधान निदेशालय, परमाणु ऊर्जा विभाग उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, झारखंड और छत्तीसगढ़ के सीमावर्ती इलाकों में खनिज की खोज के लिए सर्वे कर रहा है। परमाणु ऊर्जा विभाग के लिए राष्ट्रीय भू-भौतिकीय अनुसंधान संस्थान हेलीकाप्टर से यूपी के सोनभद्र, एमपी के सिंगरौली, झारखंड के गढ़वा और छत्तीसगढ़ के बलरामपुर जिले के आंशिक भू-भागों पर हेलीकाप्टर से सर्वे कर रहा। डीएम एस. राजलिंगम ने बताया कि इस परीक्षण का उद्देश्य खनिज अन्वेषण के लिए स्थलीय भूवैज्ञानिक संरचनाओं के अध्ययन के लिए आंकड़े एकत्रित करना है।
इस सर्वेक्षण में विद्युतीय चुंबकीय एवं स्पैक्ट्रोमीटर उपकरणों का प्रयोग किया जा रहा है। इन उपकरणों का कुछ भाग हेलीकॉप्टर के नीचे लटका रहता है जो कि जमीन की सतह से 60-80 मीटर की ऊॅचाई पर उड़ते हुए सर्वेक्षण करता है। संग्रहित वैज्ञानिक आंकड़े इन भू-भागों में खनिजों के उपलब्धता की स्थिति को आंकने में सहायक सिद्ध होंगे। डीएम ने बताया कि प्रयोग किये जाने वाले उपकरणों से प्राकृतिक चुंबकीय तिव्रता तथा शैलों में उपस्थित चालकता के मान का आंकलन किया जायेगा। इन क्षेत्रों में संग्रहित आंकड़े से खनिज अन्वेषण में मदद मिलेगी। इस प्रकार के सर्वेक्षण देश के विभिन्न भूभागों में नियमित रूप से किये जाते हैं और इनकी उपयोगिता सिद्ध हो चुकी है। डीएम ने कहा कि हेलीकाप्टर के नीचे लटकते हुए उपकरण से स्थानीय निवासियों के मन में चिंता एवं भय नहीं होना चाहिए, क्योंकि यह एक सुरक्षित वैज्ञानिक उपकरण है। इसको हवा में उड़ने के लिए सुरक्षा की दृष्टि से विमानन प्राधिकरण से प्रमाणित किया गया है। यह सर्वेक्षण बहुत ही अनुभवी एवं दक्षता प्राप्त पेशेवर लोग कर रहे हैं।