शक्तिनगर (सोनभद्र)। सीबीआई जबलपुर की एंटी करप्शन टीम बृहस्पतिवार को फिर एनसीएल में पहुंची। टीम ने इस एनसीएल में चार साल पहले हुई एचईएमएम आपरेटरों (भारी वाहनों के चालक) की भर्ती में धांधली को लेकर दर्ज केस में एनसीएल के एक अधिकारी से पूछताछ की। अधिकारी उस वक्त भर्ती प्रक्रिया का हिस्सा थे।
बताया जा रहा है कि साल 2020-21 में एनसीएल ने 307 एचईएमएम के पदों पर भर्ती प्रक्रिया शुरू हुई थी। इस दौरान आरोप लगा कि भर्ती प्रक्रिया से जुड़े अधिकारियों ने कुछ चहेतों को लीक से हटकर लाभ पहुंचाया। एक राजनीतिक दल की नेत्री की शिकायत को संज्ञान लेते हुए सीबीआई ने एनसीएल के सीवीओ से शिकायत दर्ज कराने का अनुरोध किया लेकिन मुख्य सतर्कता अधिकारी (सीवीओ) ने दिलचस्पी नहीं दिखाई। इसके बाद सीबीआई ने एनसीएल के महाप्रबंधक (कार्मिक/भर्ती) चार्ल्स जूस्टर व मैनेजर कार्मिक भर्ती हर्षवर्धन मिश्रा के खिलाफ केस दर्ज कर जांच शुरू की। सूत्रों के मुताबिक इसी मामले की पड़ताल करने टीम एनसीएल पहुंची थी। इस मामले में हर्षवर्धन मिश्रा से पूछताछ की गई। एनसीएल के जिम्मेदार इस मामले पर पक्ष देने से बचते रहे। बता दें कि बीते साल कदाचार के एक मामले में सीबीआई ने अपने एक अधिकारी सहित एनसीएल के अफसरों पर बड़ी कार्रवाई की थी। यही वजह थी कि बृहस्पतिवार को एनसीएल अधिकारी में भी टीम की मौजूदगी से बेचैनी रही।