सोनभद्र। उज्जवला योजना के तहत दिए गए रसोई गैस कनेक्सन में बरती गई धांधली की सीबीआई जांच शुरू हो गई है। इसको लेकर दो सदस्यीय टीम बृहस्पतिवार को जिले में धमक पड़ी। सर्किट हाउस में डेरा जमाने के साथ ही डीएसओ कार्यालय से कागजात मंगाया। एक साल के भीतर इसको लेकर मिलने वाली शिकायतों और उसके निस्तारण की स्थिति जानी। इससे एजेंसी संचालकों में दिन भर हड़कंप की स्थिति बनी रही।
बताते चलें कि राबर्ट्सगंज, ओबरा, चोपन, घोरावल, रेणुकूट समेत अन्य जगहों पर 12 से अधिक रसोई गैस एजेंसियां संचालित हैं। इनके जरिए करीब 1.75 लाख लोगों को उज्ज्वला का कनेक्सन दिया गया है। मालूम हो कि गैस कनेक्सन के वितरण से ही पात्रों के चयन को लेकर आरोप लगते रहे हैँ। कई जगह अपात्रों को कनेक्सन दिए जाने की भी शिकायत है। कुछ जगहों पर कनेक्सन देने के एवज में उगाही की भी शिकायतें कई बार चर्चा में रही है। सूत्र बताते हैं कि बढ़ती शिकायत को देखते हुए केंद्र सरकार की तरफ से इसकी सीबीआई जांच शुरू करा दी गई है। जांच के दायरे में जिले को भी शामिल किया गया है। इसी कड़ी में बृहस्पतिवार की सुबह जब सीबीआई की दो सदस्यीय टीम जिले में पहुंची तो हड़कंप मच गया।