सोनभद्र। सदर कोतवाली पुलिस ने सास-ससुर समेत चार लोगों के खिलाफ गबन का मुकदमा दर्ज कर लिया है। यह कार्रवाई निराश्रित महिला की तहरीर पर हुई। न्यायालय के आदेश पर केस दर्ज करने के बाद पुलिस ने विवेचना शुरू कर दी है।
पुलिस के मुताबिक राबर्ट्सगंज के धर्मशाला रोड निवासी अर्चना सिंह का कहना है कि उसने नई दिल्ली सीड कारपोरेशन के नाम से बढ़ौली चौराहा कस्बा व थाना राबर्ट्सगंज में कीटनाशक दवा व बीज भंडार का दुकान खोली थी। 2018 में प्रार्थिनी के पति राजेश सिंह की गिरने से मृत्यु हो गई थी लेकिन उसके ससुर ने पति की हत्या का झूठा आरोप लगाकर जेल भेजवा दिया। उस समय प्रार्थिनी की दुकान में 50 लाख रुपये का कीटनाशक दवा व बीज का भंडार था। जब पीड़िता जेल में थी उसी दौरान ससुर-सास, ननद व नंदोई ने उसके बीज के दुकान का ताला तोड़कर करीब 50 लाख रुपये का कीटनाशक दवा चोरी से बेच दी।
जनसेवा केंद्र घोरावल के मालिक सुधीर जायसवाल से साजिश के तहत उसके ससुर ने पति का मृत्यु प्रमाण पत्र बनवा कर अपने पास रखा है। उसके पति ने अपने नाम पर करोड़ों रुपये का इंश्योरेंस करवाया था, जिसमें उसे नामिनी बनाया है। बीमा का उपरोक्त पैसा प्रार्थिनी को मिलना है जिसके लिये पति के मृत्यु प्रमाण पत्र की आवश्यकता है जो ससुर नहीं दे रहे। जमानत के पश्चात जब घर आइ तो ससुर, सास, सहित अन्य पीड़िता को अपने ही घर में नहीं रहने दिया, गाली गलौज व मारपीट पर आमादा हो गए। जबकि घर के आलमारी में शिक्षा व बैंक संबंधी सभी कागजात, जेवर, रुपये व कपड़े हैं। जिसकी चाभी प्रार्थिनी के पास है। इंस्पेक्टर ने बताया कि पीड़िता की तहरीर पर उसके ससुर कमला सिंह, सास कमलावती, कमला के दामाद और बेटी के खिलाफ गबन का मुकदमा दर्ज कर आगे की कारवा शुरू कर दी गई है।