फर्जी हस्ताक्षर से बीमा पॉलिसी कर धनराशि को लोन धनराशि में जोड़ने के मामले में सोनभद्र जिले की सदर कोतवाली पुलिस ने शुक्रवार को एसबीआई जनरल इंश्योरेंस वाराणसी और एसबीआई पर्सनल बैंकिंग राबर्ट्सगंज के शाखा प्रबंधकों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है। पुलिस ने यह कार्रवाई जिला कारागार गुरमा में तैनात जेल वार्डेन चित्रसेन सिंह की तहरीर पर की है।
पुलिस के अनुसार वादी जेल वार्डेन चित्रसेन सिंह की तहरीर पर जनरल इंश्योरेंस में धोखाधड़ी के मामले में एसबीआई जनरल इंश्योरेंस वाराणसी और एसबीआई पर्सनल बैंकिंग राबर्ट्सगंज के शाखा प्रबंधकों के खिलाफ धोखाधड़ी समेत अन्य धाराओं में मुकदमा पंजीकृत किया गया है। उनका खाता रोडवेज के पास स्थित एसबीआई के पर्सनल बैंकिंग ब्रांच में है।
इसी खाते से इन्होंने पर्सनल लोन लिया हुआ है। वार्डेन का आरोप है कि उन्होंने लोन लेते वक्त ऋण रक्षा पॉलिसी करवाई थी। बावजूद एसबीआई पर्सनल बैंकिंग ब्रांच राबर्ट्सगंज के शाखा प्रबंधक और एसबीआई जनरल इंश्योरेंस वाराणसी के शाखा प्रबंधक ने मिलीभगत कर उन्हें बगैर जानकारी दिए उनके फर्जी हस्ताक्षर से एक नया बीमा कर दिया और प्रीमियम के रूप में 4697 रुपये दिखाते हुए उसे लोन धनराशि में जोड़कर मासिक किस्त बढ़ा दी।
यह भी आरोप है कि पॉलिसी पेपर में नामिनी व स्थान गलत लिखा गया है। इंस्पेक्टर ने बताया कि वार्डेन की तहरीर पर दोनों शाखा प्रबंधकों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। कस्बा चौकी इंचार्ज को विवेचना सौंपी गई है।