सोनभद्र। बिल्ली मारकुंडी स्थित मेसर्स श्री कृष्णा माइनिंग की खदान में हुए हादसे में पुलिस ने गैर इरादतन हत्या का मुकदमा दर्ज किया है। पनारी ग्राम पंचायत के करमसार टोला निवासी छोटू यादव की तहरीर पर ओबरा थाने में पट्टाधारक व घोरावल के पूर्व ब्लॉक प्रमुख मधुसूदन सिंह, दिलीप केशरी और कृष्णा माइनिंग वर्क्स के मालिक के खिलाफ केस दर्ज किया गया है।
छोटू ने हादसे में अपने दो भाइयों इंद्रजीत व संतोष यादव की मौत का जिक्र तहरीर में किया है। एसपी ने आरोपियों गिरफ्तारी के लिए विशेष टीम गठित की है। शनिवार रात से ही टीम ने कई संभावित ठिकानों पर दबिश दी, लेकिन सफलता नहीं मिली। इधर, रात करीब 11 बजे एक शव और मिला है। शव की शिनाख्त नहीं हो पाई है। अब तक दो शव मिल चुके हैं।
एसपी अभिषेक वर्मा ने बताया कि शनिवार की शाम बिल्ली मारकुंडी स्थित मेसर्स कृष्णा माइनिंग की खदान में ड्रिलिंग के दौरान चट्टान धंसने से वहां काम कर रहे कुछ मजदूरों के मलबे में दबने की सूचना मिली थी। पुलिस-प्रशासन के अधिकारी मौके पर पहुंच गए थे। एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की मदद से रेस्क्यू ऑपरेशन रात में शुरू करा दिया गया था। अब तक खदान से दो शव मिल चुके हैं। एक शव की पहचान राजू गोंड के रूप में हुई है। अन्य मजदूरों की तलाश जारी है।
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एक जनप्रतिनिधि का बेहद खास है खदान मालिक
खदान हादसे में आरोपी बनाए गए पट्टाधारक सत्ताधारी दल के एक जनप्रतिनिधि के बेहद करीबी बताए जा रहे हैं। जिले में उनके कामकाज की देखरेख का जिम्मा भी वही संभाल रहे हैं। शनिवार को हादसे से पहले तक दोनों को साथ में देखा गया था। सूत्रों की मानें तो जनप्रतिनिधि की शह पर ही नियम विरुद्ध काम पर कोई मुंह नहीं खोलता था।