सोनभद्र। पिता की जमीन पर वरासत के जरिये राजस्व रिकॉर्ड में नाम दर्ज कराने के लिए मुकदमे की पैरवी करने की आड़ में इकरारनामा और फर्जी बैनामा कराने का आरोप लगाया गया है। मामले में राॅबर्ट्सगंज कोतवाली पुलिस ने दंपती सहित छह लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर छानबीन शुरू कर दी है।
सहिजन खुर्द निवासी दशमतिया ने तहरीर में बताया है कि उसके पिता सीताराम को सहिजन खुर्द में जमीन का पट्टा मिला हुआ था। उनकी मृत्यु के बाद उसका और उसके बड़ी बहन की दो पुत्रियाें का नाम दर्ज होना था। वरासत के दौरान उसका नाम छूट गया।
इस सिलसिले में उसने गांव के रहने वाले भाष्कर यादव से संपर्क किया तो उन्होंने राजस्व न्यायालय में मुकदमा दाखिल करने की सलाह दी। आरोप है कि इसके लिए पहले पांच हजार मांगे गए। फिर कथित अधिकारी को रिश्वत दिए जाने के नाम पर 75 हजार की रकम ली।
मुकदमे को लेकर कई सादे कागजों पर हस्ताक्षर कराकर एक फर्जी इकरारनामा अपनी पत्नी सविता यादव और रिश्तेदार रामकेश के नाम तैयार करवा लिया। पांच अप्रैल 2022 को राजस्व न्यायालय के आदेश पर जब उसका नाम खतौनी में दर्ज हो गया तो कथित इकरारनामा के आधार पर पत्नी को गवाह बनाते हुए दो विश्वा जमीन फर्जी तरीके से बैनामा करा ली गई।
काफी दिनों बाद जब उसे इसकी जानकारी हुई, तब उसने तहसील जाकर इसका मुआयना कराया। मामले की एसपी से शिकायत पर आरोपियों ने पहले सुलह की, बाद में इसकी अनदेखी कर दाखिल खारिज कराते हुए जमीन पर कब्जे का प्रयास शुरू कर दिया।
एतराज पर गत 25 अगस्त को उसकी पिटाई करते हुए जिंदा जलाने की धमकी दी गई। बुधवार को इस मामले में राबटर्सगंज कोतवाली में तहरीर दी गई। प्रभारी निरीक्षक गोपाल जी गुप्ता के मुताबिक प्रकरण में भाष्कर यादव, उनकी पत्नी सविता, सुरेंद्र यादव, सविता, कुसुम निवासी डीएवी स्कूल के पीछे राबटर्सगंज और राजाराम गुप्ता के खिलाफ केस दर्ज किया गया है।