घोरावल कोतवाली क्षेत्र के कुसुम्हा ग्राम पंचायत में सरकारी आवास दिलाने के नाम पर ग्रामीणों से लाखों रुपये की वसूली करने के आरोप में ग्राम प्रधान समेत सात लोगों पर मुकदमा दर्ज हुआ है। मामले में प्रधान प्रतिनिधि, रोजगार सेवक, ग्राम पंचायत सदस्य को भी आरोपी बनाया गया है।
कोर्ट आदेश पर केस दर्ज कर पुलिस मामले की जांच कर रही है। कुसुम्हा गांव निवासी जवाहिर कहार ने कोर्ट में प्रार्थना पत्र देकर कहा है कि उसके साथ ही गांव के ही तेज प्रताप, विजय बियार, धर्मेंद्र, प्रेम कहार, प्रवेश कहार, मुरारी सहित अन्य को सरकारी आवास का आवंटन होना था।
इसके लिए संबंधित विभाग के कर्मचारियों की तरफ से आवश्यक औपचारिकताएं पूर्ण करने के लिए कहा गया था। आरोप है कि ग्राम पंचायत अध्यक्ष कुसुम सिंह, ग्राम रोजगार सेवक तेज बहादुर सिंह, प्रधान प्रतिनिधि नरेंद्र कुमार सिंह, राजू यादव, वार्ड मेंबर राकेश कुमार पाल निवासी कुसुम्हा, देवनारायण सिंह, प्रवीण शुक्ला ने कहा कि उनके आवास का आवंटन हो गया है।
सबको 10-10 हजार सुरक्षा धनराशि के रूप में जमा करना होगा। आरोप है कि पीड़ित सहित अन्य से आवंटन के एवज में लगभग 30 से 32 लाख की वसूली की गई है। जब लंबे समय बाद भी आवास आवंटित नहीं हुआ तब संबंधित ग्रामीण बीडीओ कार्यालय पहुंचे।
वहां पहुंचने पर पता चला कि ऐसा कोई मामला नहीं है। न ही आवास के बदले कोई धनराशि जमा करने का नियम है, न ही आरोपियों ने कोई धनराशि जमा की है। कोर्ट ने प्रकरण को गंभीर मानते हुए पुलिस को केस दर्ज करने का आदेश दिया था।
कोतवाल कमलेश पाल ने बताया कि ग्राम प्रधान समेत कुल 7 लोगों के खिलाफ संबंधित धाराओं में केस दर्ज कर छानबीन की जा रही है। इस संबंध में ग्राम प्रधान कुसुम सिंह ने बताया कि ग्रामीणों की ओर से लगाए गए सभी आरोप बेबुनियाद है। उनके खिलाफ साजिश रची गई है।