सोनभद्र। सोनांचल के लोगों को इस बार गर्मी में कटौती मुक्त बिजली मिल सकेगी। साथ ही लो वोल्टेज की समस्या से भी छुटकारा मिलने वाला है। बिजली आपूर्ति से संबंधित आने वाली समस्या के समाधान के लिए विद्युत वितरण निगम ने कमर कस ली है। इस पर तेजी से काम चल रहा है। सोनांचल के 10 उपकेंद्रों का न सिर्फ क्षमता बढ़ाई जाएगी है, बल्कि नए ट्रांसफार्मर भी लगाए जाएंगें। मार्च 2024 तक काम पूर्ण कर लेने का दावा किया जा रहा है।
पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम की तरफ से राबर्ट्सगंज तथा पिपरी क्षेत्र से जुड़े क्षेत्रों में निर्बाध बिजली आपूर्ति की योजना बनाकर कार्य कराया जा रहा है। दोनों खंड में जहां ओवरलोड की समस्या बनी हुई हैं, ऐसे 350 स्थान चिह्नित किए गए हैं। वहां लगे 10 केवी, 25 केवी, 63 केवी और 100 केवी के ट्रांसफार्मर की क्षमता वृद्धि की जानी है। अब तक 150 से अधिक स्थानों पर लगे ट्रांसफार्मर की क्षमता वृद्धि की जा चुकी है। हालांकि अभी घोरावल ब्लॉक के महुआंव गोसाई चट्टी, किंगरी सहित अन्य गांवों में लगे ट्रांसफार्मरों की क्षमता वृद्धि नहीं हो सकी है। इससे उपभोक्ताओं को परेशानी हो रही है। इसके साथ ही राबर्ट्सगंज और पिपरी क्षेत्र में 164 नए वितरण के नए ट्रांसफार्मर लगाए जाएंगें। ये ट्रांसफार्मर उन स्थानों पर लगाए जा रहे हैं, जहां अतिरिक्त ट्रांसफार्मर लगाए जाने की जरूरत है। क्षमता वृद्धि के लिए 10 उपकेंद्र भी चिह्नित किए गए हैं। जहां पांच एमवी के ट्रांसफार्मर हैं, वहां 10 एमवी के ट्रांसफार्मर लगाए जाएंगें। विभागीय अधिकारियों के अनुसार करीब 20 करोड़ रुपये की लागत से उपकेंद्र एवं ट्रांसफार्मर क्षमता वृद्धि का कार्य कराया जा रहा है। मार्च 2024 तक कार्य पूर्ण करने का लक्ष्य रखा गया है। ये कार्य होने के बाद निर्बाध बिजली आपूर्ति हो सकेगी।
इन उपकेंद्रों की बढ़ाई जा रही क्षमता
राबर्ट्सगंज विद्युत वितरण खंड के एक्सईएन एके चौधरी ने कुल 10 उपकेंद्रों की क्षमता वृद्धि की जा रही है। इसमें सात राबर्ट्सगंज व तीन पिपरी क्षेत्र के उपकेंद्र हैं। घोरावल ब्लॉक के केवली स्थित उपकेंद्र में पांच एमवी का अतिरिक्त ट्रांसफार्मर लगाया जाएगा। इसी तरह से घुवास उपकेंद्र में सुकृत, पन्नूगंज, सलखन, ऊंचडीह तथा दूबेपुर उपकेंद्र का क्षमता वृद्धि किया जा रहा है। क्षमता वृद्धि के पश्चात लो वोल्टेज, ओवरलोड की समस्या दूर हो जाएगी।
सोनांचल के 10 उपकेंद्रों का क्षमता बढ़ाई जा रही है। इसके साथ ही 350 स्थानों पर लगे ट्रांसफार्मरों की क्षमता बढ़ाई जाएगी। इसके अलावा 164 स्थानों पर आवश्यकतानुसार नए ट्रांसफार्मर लगाए जाने हैं, ताकि लो वोल्टेज व ओवरलोड की समस्या न हो। -नीरज गोयल, अधीक्षण अभियंता, बिजली सोनभद्र।