जिले में विधानसभा चुनाव का प्रचार परवान चढ़ने लगा है। प्रत्याशी एक-एक वोट को साधने की जुगत में लगे हैं। ऐसे में उन मतदाताओं को कैसे भुलाया जा सकता है जो रोजी रोजगार के सिलसिले से सैकड़ों किलोमीटर दूर हैं। इन मतदाताओं को एक दिन की ही खातिर घर बुलाने की कोशिशें की जा रही हैं। कई उम्मीदवार प्रवासी मजदूरों की सूची तैयार कराने में जुट गए हैं।
पर्चा दाखिल करने के बाद विधायक बनने का सपना देखने वाले उम्मीदवारों ने वोटरों को खुद को पाले में करने के लिए पूरी ताकत झोंक दी है। कुछ उम्मीदवार जिले से रोजी-रोटी की तलाश में दिल्ली, मुंबई, राजस्थान, गुजरात, चेन्नई समेत अन्य प्रांतों और यूपी के विभिन्न जिलों में गए श्रमिकों को मतदान के दिन यहां बुलाने के लिए उनकी सूची तैयार करा रहे हैं। चर्चाओं पर गौर करें तो प्रत्याशी प्रवासी मजदूरों को लाने और पहुंचाने के लिए वाहनों का इंतजाम करने का वादा भी कर रहे हैं।