ऊर्जांचल का पूरा वन क्षेत्र इन दिनों भीषण आग की चपेट में है। संपूर्ण वन क्षेत्र में आग लगने से जहां बहुमूल्य वनस्पतियां नष्ट हो रही हैं, वहीं आग की लपटों के रिहायशी इलाकों तक पहुंच जाने से नागरिकों में अफरा तफरी है।
भाठ क्षेत्र सहित नगरीय इलाकों के जंगलों में भी इन दिनों चारों तरफ आग ही आग दिखाई दे रही है। दिन में तो सूरज की रोशनी के कारण वन क्षेत्र में सिर्फ धुएं का गुबार दिखाई देता है। लेकिन रात होते ही चारों तरफ धधकती आग की ज्वाला देख नागरिक दंग हैं। आग की चपेट में आने से पहले से ही सिकुड़ रहे वन क्षेत्र में पेड़ों की संख्या और भी कम होती जा रही है। धीरे-धीरे आग की लपटें आसपास के घरों को भी अपने आगोश में लेने लगी हैं। मंगलवार को पिपरी-सोनवानी के रियाउद्दीन व सलामत के बरामदे में भी आग लग गई। समय रहते पता चल जाने से किसी प्रकार उन्होंने आग पर काबू पाया। वन क्षेत्र स्थित ग्रामीण अब दिन के साथ रात में भी आग की निगरानी कर रहे हैं। अधिकांश मामलों में जंगल में आग लगने का कारण महुआ चुनने वालों की कारस्तानी बताई जा रही है। लोगों ने वन विभाग के अधिकारियों का ध्यान आकृष्ट कराते हुए तत्काल आवश्यक कदम उठाने की मांग की है।