जेएनयू छात्रसंघ के अध्यक्ष कन्हैया कुमार की गिरफ्तारी के विरोध में शुक्रवार को पीयूसीएल, भाकपा माले और भारतीय सामाजिक न्याय मोर्चा ने तहसील परिसर में केंद्र सरकार का पुतला फूंका। पीपुल्स यूनियन फार सिविल लिवर्टीज (पीयूसीएल) के प्रदेश संगठन सचिव विकास शाक्य ने कहा कि भाजपा एबीवीपी कार्यकर्ताओं के माध्यम से देश विरोधी नारे लगवाकर पूरे देश में अराजकता और अस्थिरता का माहौल पैदा कर रही है।
जेएनयू छात्र नेता कन्हैया कुमार का पूरा भाषण आज भी इंटरनेट पर सुना जा सकता है। उसने हक और अधिकार की बात की है। देश में भगवा राज्य का खात्मा और देश के तिरंगे की शान ऊंचा उठाने का नारा दिया है। आवाज का दबाने के लिए झूठे आरोप में छात्र नेता को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया है।
मोर्चा के अध्यक्ष चौधरी यशवंत सिंह ने कहा कि भाजपा नागपुर आरएसएस मुख्यालय से जारी होने वाले फरमानों को देश में संविधान के ऊपर लागू करना चाह रही है। कहा कि इसका विरोध होगा और किसी भी सूरत में मंशा को कामयाब नहीं होने दिया जाएगा। भाकपा माले नेता मोहम्मद कलीम ने कहा कि गरीब, मजदूर, किसानों की आवाज को दबाने के लिए जेएनयू छात्र नेता कन्हैया की गिरफ्तारी की गई है। इस दौरान रामकृष्ण पाठक, अनिल मौर्य, महेंद्र सिंह, संजय कुशवाहा, सुरेंद्र पटेल, कामरान खान, परमानंद, सुभाष, अरविंद जैसवार, किशोरी लाल, शक्तिसेन आदि मौजूद रहे।