रेणुका नदी पर पुल निर्माण को लेकर सरकारी महकमें ने सर्वे की कार्रवाई शुरू कर दी है। परियोजना सूत्रों की माने तो अब बनने वाला नया पुल बहुउपयोगी होगा। नया पुल आम लोगों के अलावा ओबरा तापीय परियोजना के राख निस्तारण के लिए जाने वाली पाइप लाइनों के लिए भी काम आएगा। उत्पादन निगम प्रशासन पुल निर्माण में आर्थिक मदद भी सेतु निगम को करेगा।
गुरुवार को उप जिलाधिकारी शादाब अहमद के नेतृत्व में पहुंची टीम ने पुल के लिए उचित स्थान का सर्वे किया। टीम में सेतु निगम के महाप्रबंधक एके श्रीवास्तव एवं ओबरा सी के महाप्रबंधक इं.कैलाश गुप्ता भी शामिल रहे। ओबरा परियोजना, सेतु निगम एवं राजस्व विभाग की संयुक्त टीम ने पुल के लिए स्थान के साथ संभावित पुल संपर्क मार्ग के लिए भी स्थान देखा। संभावना है कि पिछले वर्ष तत्कालीन जिलाधिकारी द्वारा खैरटिया में तय किए गए स्थान से पहले ही पुल का निर्माण होगा जिसके कारण राखी पुल से नये पुल की दूरी दो किलोमीटर के करीब रह जाएगी। साथ ही खैरेटिया की घनी आबादी के बजाय पुल तक जाने वाले संपर्क मार्ग को सेक्टर दो के पास से गैर आबादी क्षेत्र से भी लाया जा सकता है जिसको लेकर ही ग्रामीणों का विरोध चल रहा था। सेतु निगम के महाप्रबंधक एके श्रीवास्तव ने कहा कि पुल निर्माण में आ रही सभी तकनीकी दिक्कतों को देखा जा रहा है। उम्मीद है कि जल्द पुल का निर्माण शुरू हो जाएगा। इस दौरान ओबरा परियोजना के अधिशासी अभियंता इं.राजीव कुमार, सेतु निगम के उप परियोजना अधिकारी जसवंत सिंह आदि रहे।