अति पिछड़े नगवां ब्लॉक में माध्यमिक शिक्षा को बेहतर बनाने के लिए नंदना गांव में पं. दीनदयाल उपाध्याय राजकीय मॉडल इंटर कॉलेज का निर्माण अंतिम चरण में है। इस कॉलेज में जुलाई से नए प्रवेश शुरू होंगे।
विद्यार्थियों को आंठवीं के बाद पढ़ाई के लिए दूर जाना पड़ता था। विद्यालय संचालन से पहले इसके सुंदरीकरण पर जोर देते हुए डीएम ने डीएमएफ मद से इसकी बाउंड्री बनाने के निर्देश दिए हैं। डीआईओएस के माध्यम से इसका प्रस्ताव तैयार किया जा रहा है।
बिहार सीमा पर स्थित नगवां ब्लॉक कभी नक्सल प्रभावित क्षेत्र रहा है। दुरुह भौगोलिक बसावट के कारण यहां माध्यमिक शिक्षा की स्थिति अच्छी नहीं है। स्कूलों की संख्या कम होने के कारण आठवीं के बाद की पढ़ाई में काफी मुश्किल होती है।
खासतौर से लड़कियों की पढ़ाई बंद हो जाती है या फिर उन्हें दूर जाकर पढ़ना पड़ता है। इन दुश्वारियों को दूर करने के लिए नंदना गांव में मॉडल इंटर कॉलेज की स्थापना की जा रही है। इसी सत्र से इसका संचालन शुरू होना है। जुलाई से प्रवेश आरंभ होगा।
इसे लेकर क्षेत्र के लोग उत्साहित हैं। विद्यालय भवन का भवन तो आधुनिक सुविधाओं के अनुसार बनाया जा रहा है, लेकिन कार्य में इसकी बाउंड्री बनाने का कोई प्रावधान नहीं है। इसके चलते भवन व परिसर की सुरक्षा का खतरा बना हुआ है।
पिछले दिनों विद्यालय के निरीक्षण पर गए डीएम बद्रीनाथ सिंह ने यहां की समस्याओं को देखा था। भवन निर्माण की प्रगति भी जानी। उन्होंने बाउंड्री के लिए जिला खनिज निधि फाउंडेशन से बजट उपलब्ध कराने की बात कही है।
इसके लिए डीआईओएस को शीघ्र प्रस्ताव तैयार करने को कहा है। साथ ही जुलाई से प्रवेश प्रक्रिया शुरू करने से पहले अन्य सभी औपचारिकताओं की पूर्ति के लिए भी निर्देश दिए हैं। सुदूर आदिवासी बहुल अंचल में मॉडल इंटर कॉलेज को माध्यमिक शिक्षा के लिए बड़ी सौगात माना जा रहा है।
नंदना में मॉडल इंटर कॉलेज का काम अंतिम चरण में है। जुलाई से इसमें प्रवेश शुरू करा दिया जाएगा। परिसर की बाउंड्री के लिए डीएमएफ मद से धनराशि की व्यवस्था की जानी है। इसके लिए प्रस्ताव तैयार कराया जा रहा है।
-जयराम सिंह, डीआईओएस।