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पेयजल समस्या दूर करने को ब्लॉकवार मांगा गया ब्योरा

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सोनभद्र। गर्मी में पीने के पानी का संकट गंभीर समस्या न बन जाए, इसके लिए प्रदेश स्तर से तैयारी शुरू कर दी गई है। इसके लिए शासन स्तर से पत्र भेजकर प्रशासन से ब्लाकवार पेयजल की उपलब्धता की स्थिति के संबंध में ब्योरा मांगा गया है। यहां से भेजी जाने वाली रिपोर्ट के आधार पर पानी के संकट वाले क्षेत्रों में समस्या के निराकरण के लिए राहत की कार्ययोजना तैयार कर अमलीजामा पहनाने की कोशिश की जाएगी।
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जिले में गर्मी के मौसम के शुरूआत में ही पेयजल संकट गहराने लगता है। जल प्रदूषण की समस्या के चलते शुद्ध पानी का संकट पूरे साल बना रहता है। इस समस्या से लोगों को राहत दिलाने के लिए कई बार योजनाएं बनीं। योजना पर काम भी हुए लेकिन पीने के पानी का संकट अब भी बना हुआ है। अब जब कि प्रदेश स्तर से इस समस्या को लेकर संजीदगी दिखाई जा रही है तो राहत की उम्मीद भी जगने लगी है। समस्या के समाधान के लिए परियोजना निदेशक आपदा राहत के स्तर से पत्र लिखकर अपर जिलाधिकारी योगेंद्र बहादुर सिंह से जानकारी मांगी गई है। इसमें जिले के किन-किन ब्लॉकों में गर्मी में पेयजल की समस्या होती है और इसका निदान कैसे किया जाता है, इसकी जानकाकरी मांगी गई है। साथ ही गर्मी से पहले पेयजल की समस्या से लोगों को निजात दिलाने के लिए क्या कार्ययोजना बनाई गई है, इसकी भी रिपोर्ट मांगी गई है। इस संबंध में अपर जिलाधिकारी योगेंद्र बहादुर सिंह का कहना है कि परियोजना निदेशक आपदा राहत की तरफ से किन-किन ब्लॉकों में गर्मी के दिनों में पेयजल संकट सबसे अधिक रहता है उसकी जानकारी मांगी गई है। उन्होंने बताया कि चतरा, नगवां, घोरावल, राबर्ट्सगंज और नवसजित करमा ब्लॉक क्षेत्र के जिन गांवों में गर्मी में पेयजल संकट रहता है उसकी सूची तैयार कराई जा रही है। उन्होंने पेयजल संकट वाले इलाकों के ग्राम पंचायतों में क्रय किए गए टैंकरों के माध्यम से जलापूर्ति की व्यवस्था की जाती है। आवश्यकता पड़ने पर जल निगम व अन्य एजेंसियों के माध्यम से भी टैंकरों के जरिए पेयजला आपूर्ति की व्यवस्था की जाती है।
पानी को लेकर होता है विवाद
सोनभद्र। जिले में गर्मी का आगाज होते ही पानी की किल्लत शुरू हो जाती है। अप्रैल, मई और जून माह में पहाड़ी इलाकों में पानी का संकट विकराल रूप धारण कर लेता है। सदर ब्लॉक के उरमौरा, लोढ़ी, कमोजी, कम्हारी, पुसौली, चुर्क समेत अन्य गांवों मेें पानी केक संकट से लोगों को जूझना पड़ता है। पूर्व में टैंकरों से पानी लेने को लेकर कई बार ग्रामीण आपस में विवाद भी कर चुके हैं। इस तरह की नौबत आगे उत्पन्न न होने पाए, इसके लिए शासन स्तर से अभी से तैयारी शुरू कर दी गई है। प्रशासन की तरफ से पेयजल संकट से जूझने वाले गांवों की रिपोर्ट तैयार की जाने लगी है।
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