पांच दिन पूर्व सदर कोतवाली में शांति भंग की आशंका में चालान किए गए मिर्जापुर जिले के भाजपा नेता ने फर्जी मुकदमे में फंसाने का डर दिखाकर दो लाख रुपये ऐंठने का आरोप लगाया है। एसपी को पत्र देकर जांच कर कार्रवाई की मांग की है।
मिर्जापुर के अहरौरा थाने क्षेत्र निवासी संतोष कुमार ने एसपी को सौंपे गए पत्र में पुलिस पर अवैध वसूली का आरोप लगाया है। शिकायतकर्ता ने बताया कि उसकी पत्नी रेनू पटेल सभासद हैं, जबकि वह पूर्व में सभासद रह चुका है। वर्तमान भाजपा से अहरौरा मंडल उपाध्यक्ष है। पीड़ित का कहना है कि 18 नवंबर की रात अपने गांव के चार साथियों के साथ अहरौरा क्षेत्र में एक ढाबे पर रुक कर छठ के आयोजन को लेकर बातचीत कर रहा था। तभी सोनभद्र क्राइम ब्रांच पुलिस सफेद रंग की बिना नंबर की बोलोरो गाड़ी से आई और उन सभी को जबरदस्ती अपने साथ सुकृत चौकी ले आई। वहां सुकृत चौकी इंचार्ज ने बताया कि वे पासर वाले मुकदमे की विवेचना कर रहे हैं। इसमें 35 लोगों का नाम अज्ञात है। तीन लाख न देने पर सभी का नाम उसी मुकदमें में जोड़कर जेल भेज दिया जाएगा। काफी विनती के बाद चौकी प्रभारी और क्राइम ब्रांच के लोग दो लाख रुपये पर मान गए। 19 नवंबर की शाम साढ़े चार बजे तक पैसा मिलने तक बैठाए रखा। पैसा मिलने पर पांचों का शांतिभंग में चालान किया गया। कचहरी से जमानत कराकर घर पहुंचा तो पता चला कि जमीन रेहन रखकर उसका भाई पैसा लाया था। पीड़ित ने मामले की जांच और कार्रवाई की मांग करते हुए आत्महत्या की चेतावनी दी है। इस बाबत सीओ सिटी राहुल पांडेय ने बताया कि मामला संज्ञान में नहीं है। शिकायत के आधार पर जांच कराई जाएगी। सुकृत चौकी प्रभारी कमल नयन दुबे ने बताया कि आराेप पूर्णतया निराधार है। साजिश के तहत ऐसे आरोप लगाए जा रहे हैं। वहीं तत्कालीन एसओजी प्रभारी राजेश सिंह का कहना था कि सोनभद्र-मिर्जापुर बार्डर पर पासर होने की आशंका में पकड़ा गया था। छानबीन के बाद पासर होने की पुष्टि नहीं हुई। शांति भंग की आशंका में चालान किया गया था।