बसपा के राष्ट्रीय महासचिव व राज्यसभा सांसद सतीश चंद्र मिश्रा ने सोनांचल की भूमि पर विधानसभा चुनाव का शंखनाद किया। सपा और भाजपा को ब्राह्मण विरोधी बताया तो बसपा को सबसे बड़ा हितैषी करार दिया। प्रदेश में पूर्ण बहुमत के साथ फिर से बसपा की सरकार बनाने के लिए ब्राह्मण एकजुटता की अपील की।
नगर के रामलीला मैदान में पार्टी के प्रबुद्ध विचार गोष्ठी में राष्ट्रीय महासचिव सतीश चंद्र मिश्रा ने कहा कि बसपा ही एकमात्र ऐसी पार्टी है, जिसमें ब्राह्मणों का उत्थान निश्चित है। भाजपा सरकार में ब्राह्मणों पर उत्पीड़न हो रहा है। जहां एक तरफ उनके प्रति संवेदना जताई जाती है तो दूसरी ओर उनके स्वाभिमान को भी झकझोरने की कोशिश की जाती है। उन्होंने कहा कि धर्म के नाम पर वोट लेने वालों ने कभी समाज के लोगों की फिक्र नहीं की है। प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में समाज के लोगों की हत्याएं और इनकाउंटर की बात कहते हुए ब्राह्मण समाज से एकजुट होने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि बसपा सरकार में ब्राह्मण समाज को न सिर्फ बड़ी जिम्मेदारी मिली, बल्कि बसपा प्रमुख ने समाज से किया हर वादा भी पूरा किया। सर्वाधिक 85 ब्राह्मणों को टिकट दिए, जिसमें 45 को जीत मिली। 15 मंत्री और विधानसभा अध्यक्ष भी बसपा ने ही दिया।
उन्होंने कहा कि सपा और भाजपा दोनों ने सिर्फ ब्राह्मणों के वोट की राजनीति करती है। दोबारा वक्त आ गया है, जब अनुसूचित जाति, अल्पसंख्यक व ब्राह्मण मिलकर बसपा की सरकार बनाएंगे। वर्तमान सरकार पर प्रहार करते हुए कहा कि यह सरकार बड़े-बड़े वादे करती है, लेकिन वादों पर कभी खरा नहीं उतरती। इस सरकार में लाखों युवाओं को नौकरी देने की बात की गई थी, लेकिन नौकरी देने के बदले सरकार ने सरकारी दफ्तरों को प्राइवेट कर कइयों को बेरोजगार कर दिया। अध्यक्षता पूर्व ब्लाक प्रमुख कमलाकांत पांडेय ने की। धन्यवाद ज्ञापन आयोजक अशोक चौबे ने किया। इस मौके पर पूर्व मंत्री नकुल दुबे, पूर्व सांसद नरेंद्र कुशवाहा, अरुण कुमार दुबे, गंगाधर दुबे, राम शिरोमणि शुक्ला, पूर्व विधायक सत्यनारायण जैसल, अविनाश शुक्ल, अमरेंद्र बहादुर, राजनारायण निराला, पवन प्रधान, रामशिरोमणि शुक्ला, रमेश दुबे, अमरेंद्र बहादुर, राजनारायण निराला, जिलाध्यक्ष कमलेश गोंड़, नंदलाल पांडेय, अगस्त शुक्ला, राजीव दुबे, विनोद चौबे, महादेव तिवारी, अभिषेक श्रीवास्तव आदि मौजूद रहे।
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बसपा के मंच से गूंजते रहे मंत्र
विधानसभा चुनाव जीतने के लिए हर दांव आजमाने पर तुली बसपा के मंच का माहौल भी अलग था। आमतौर पर धार्मिक गतिविधियों से परहेज करने वाली पार्टी के मंच से लगातार मंत्रोच्चार हो रहा था। बिरहा गायकों की टोली के बीच-बीच में ब्राह्मण विद्वानों की ओर मंत्र का उच्चारण सुन लोग सहसा अवाक रह गए। फिर मुस्कुराते हुए यह कहकर आगे बढ़े कि राजनीति में कब क्या हो जाए, कुछ कहा नहीं जा सकता।
राबर्ट्सगंज रामलीला मैदान में बसपा प्रबुद्ध वर्ग सम्मेलन को संबोधित करते राष्ट्रीय महासचिव सत?- फोटो : SONBHADRA