सोनभद्र। लगातार हो रही वर्षा से नदियों का जलस्तर बढ़ने पर जिला प्रशासन ने सतर्कता बढ़ा दी है। अपर जिलाधिकारी उमाकांत त्रिपाठी ने कहा कि बाढ़ के कारण अनेक प्रकार की समस्याएं उत्पन्न होती है लेकिन थोड़ी सी सावधानी बरत कर क्षति को काफी हद तक कम किया जा सकता है।
उन्होंने बताया कि बाढ़ आने के पूर्व अफवाहों पर ध्यान न दें और शांति बनाए रखें। रेडियो तथा न्यूज चैनल के माध्यम से वर्तमान मौसम की जानकारी लेते रहें। सरकारी विभागों के संपर्क में रहे तथा उनके द्वारा दी जाने वाली जानकारी पर अमल करें। स्थानीय विभागों के महत्वपूर्ण फोन नंबर का लिस्ट बना के रखें। अपने आसपास के नदियों की जानकारी रखें। प्राथमिक चिकित्सा उपचार बॉक्स एवं जरूरी सामान अपने साथ रखें। छाता तथा लाठी अपने साथ रखें। बाढ़ में सर्प दंश की घटनाएं बढ़ जाती है। अपने परिवार व गांव के लिए एक आपदा प्रबंध योजना बनाएं। समय-समय पर इसका पूर्वाभ्यास भी करें। बारिश के समय मौसम में रेडियो या टीवी से प्रसारित सूचना और चेतावनी सुनें और उनका अनुपालन करें। मवेशियों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचा दें। आपातकालीन स्थितियों से निपटने के लिए पर्याप्त मात्रा में खाद्य पदार्थ, पीने का पानी आदि का भंडारण कर लें। विद्युुत पोल व टूटे तथा गिरे पड़े इलेक्ट्रानिक उपकरणों से खुद एवं अपने पशुओं को दूरी बनाए रखे।