सोनभद्र में है सीता-राम नाम का बैंक
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मंदिर निर्माण शुरू हुआ तो बढ़ गए खाताधारक
बैंक संचालक रमाकांत शुक्ल के मुताबिक श्रीराम के नाम का अधिक बार स्मरण किया जा सके, इस निमित्त यह बैंक स्थापित किया है। वर्ष 2019 से पहले इसमें करीब 110 सदस्य थे। मंदिर निर्माण पर कोर्ट का फैसला आने के बाद खाताधारकों की संख्या बढ़ी है। वर्तमान में करीब 169 स्थायी और दो सौ से अधिक अस्थायी खाताधारक हैं। स्थायी सदस्य बनने के लिए कम से कम पांच लाख नाम जमा कराने होते हैं। उन्हीं का खाता खोला जाता है और पासबुक भी जारी होता है। इससे कम होने पर उन्हें अस्थायी सदस्य के रूप में शामिल किया जाता है। उनकी पुस्तिका जमा होती है, खाता नहीं खुलता।
यहां है सीता-राम नाम का बैंक
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सदस्य बनने के लिए शर्तों का पालन जरूरी
श्रीसीताराम नाम बैंक में खाता खोलने के लिए पात्रता भी निर्धारित है। वही लोग इसके सदस्य हो सकते हैं, जो धर्म परायण, सदाचार एवं विधि-विधान का पालन करते हों और शाकाहारी हों। व्याभिचार से दूर रहे और नाम लिखते समय पान, तंबाकू सहित किसी नशीले पदार्थ का सेवन करे। पूरी पवित्रता के साथ लेखन कार्य अनिवार्य है।