सोनभद्र। स्थानीय मेडिकल काॅलेज में गंभीर घाव के उपचार को लेकर शुक्रवार को कार्यशाला हुई। जनरल सर्जरी विभाग की ओर से एडवांस्ड वाउंड केयर वर्कशाप में विशेषज्ञों ने घाव के आधुनिक देखभाल और उपचार की नवीनतम विधियों पर चर्चा की। गंभीर और न भर सकने वाले घावों का कैसे उपचार हो, इस पर चिकित्सकों ने व्याख्यान दिया।
कार्यशाला का शुभारंभ मुख्य अतिथि आईएमएस बीएचयू के जनरल सर्जरी विभाग के एचओडी प्रो. सतनाम भारतीय व काॅलेज के प्राचार्य डॉ. एसके सिंह ने दीप जलाकर किया। शल्य चिकित्सा विभाग के एचओडी असिसेंट प्रोफेसर डाॅ. बलवंत सिंह व सचिव असिसेंट प्रोफेसर डाॅ. प्रशांत शुक्ला व डाॅ. अमित गुप्ता की देखरेख में हुई कार्यशाला में जख्म संबंधी विषय पर चर्चा हुई। यहां प्रधानाचार्य डाॅ. एसके सिंह ने घाव प्रबंधन के क्षेत्र में हो रहे तकनीकी बदलावों और उनके चिकित्सकीय महत्व को रेखांकित किया। मुख्य अतिथि डाॅ. सतनाम भारतीय ने कहा कि कई घाव ऐसे होते हैं जो आसानी से भर और सूख जाते हैं जबकि कुछ घाव क्रानिकल होते हैं। ऐसे घाव को भरने के लिए नई तकनीकी से उपचार की जरूरत है। आरती भ्रुगुनाथ ने प्रेशर अल्सर की रोकथाम एवं प्रबंधन पर चर्चा की। आईएमएस बीएचयू के डाॅ. प्रखर जायसवाल, बीकेएएसएमसी चंदौली के डाॅ. रोहित कुमार सिंह ने भी वाउंड ड्रेसिंग एवं उनके उपयोग पर प्रकाश डाला। कार्यक्रम सचिव डाॅ. प्रशांत शुक्ला ने कहा कि लंबे समय तक न भरने वाले घाव से कैंसर जैसी जानलेवा बीमारी हो सकती है। इससे सतर्क रहने की जरूरत है। कार्यक्रम का समापन प्रो. विवेक श्रीवास्तव और मेडिकल काॅलेज के जनरल सर्जन डाॅ. बलवंत नारायण के उद्बोधन से हुआ। इस मौके पर डाॅ. टीपी सिंह, डाॅ. राहुल सिंह, डाॅ. विजय सिंह आदि मौजूद रहे।