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कोरोना की मार से आटो पार्ट का व्यवसाय प्रभावित

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राबर्ट्सगंज स्थित आटो पार्ट की दुकान पर खरीदारी करते लोग। - फोटो : SONBHADRA
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सोनभद्र। कोरोना वायरस के फैलाव पर रोक के लिए दो माह से अधिक समय तक लॉक डाउन और फिर बाजार बंदी की वजह से आटो पार्ट्र्स का व्यवसाय भी प्रभावित हुआ है। व्यवसायियों की मानें तो लॉकडाउन तथा बाजार बंदी से 20 से 30 प्रतिशत तक व्यवसाय में गिरावट आई है। इससे व्यवसायियों को बैंक लोन, बिजली का बिल, मकान का किराया, कर्मचारियों का भुगतान के साथ स्वयं का खर्च मेंटेन करना मुश्किल हो रहा है।
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व्यवासायी सत्यप्रकाश चौबे का कहना है कि लॉकडाउन के दौरान दो महीने से अधिक समय तक दुकानें बंद रही। लंबे समय तक दुकान बंद होने से व्यवसायियों की आर्थिक स्थिति खराब हो गई। लॉकडाउन के बाद मुश्किल से पंद्रह दिन दुकानें खुली मेन मार्केट में कोरोना पाजिटिव मरीज मिलने से बढ़ौली चौराहे से शीतला मंदिर के आगे तक का इलाका दो सप्ताह तक सील कर दिया गया। इसके चलते भी आटो पार्ट्र्स की दुकानें बंद रहीं। इससे व्यवसायियों को काफी नुकसान उठाना पड़ा। इमरान अहमद और मनीष पांडेय का कहना है कि लॉकडाउन के पहले आटो पार्ट्र्स का व्यवसाय अच्छा चल रहा था। लॉकडाउन के बाद से व्यवसाय में 20 से 30 प्रतिशत तक की गिरावट आई है। अब व्यवसाय 70 से 80 प्रतिशत तक सिमट कर रह गया है। लॉकडाउन के बाद से अच्छा व्यवसाय नहीं होने से तमाम आर्थिक दिक्कतें आ रही हैं। बैंक लोन, बिजली बिल, कर्मचारियों का भुगतान आदि खर्च मेंटेन करना मुश्किल हो रहा है। बैटरी व्यवसायी राजेश मेहता का कहना है कि बैटरी के साथ ही ट्रैक्टर, ट्रक, जीप, कार सहित अन्य चार पहिया वाहनों के पाट्र्स को 28 प्रतिशत जीएसटी स्लैब में रखा गया है। इसमे केंद्र सरकार का 14 प्रतिशत और राज्य सरकार का 14 प्रतिशत जीएसटी कर है। सभी व्यवसायियों ने शासन प्रशासन से बैंक से लिए ऋण का ब्याज, तीन महीने का बिजली बिल माफ करने के साथ जीएसटी कम करने की मांग की।
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