राज्य सेक्टर की 2630 मेगावाट वाली सबसे बड़ी परियोजना अनपरा की पांच सौ मेगावाट वाली सातवीं इकाई शुक्रवार सुबह उत्पादन पर आ गई। तकनीकी कारणों से गुरुवार को बंद हुई छठवीं इकाई को भी उत्पादन पर ले लिया गया। शाम तक दोनों इकाइयों से 200-200 मेगावाट उत्पादन हो रहा था। देर रात तक दोनों इकाइयों से पूर्ण क्षमता से उत्पादन की उम्मीद जताई जा रही थी।
अनपरा की सातवीं इकाई को सप्ताह भर पूर्व कोयला संकट के चलते बंद करना पड़ा था। इसके बाद कुछ दिक्कत के चलते इकाई को अनुरक्षण पर ले लिया गया। गुरुवार को इस इकाई को लाइटअप कर शुक्रवार को उत्पादन पर ले लिया गया। उधर, गुरुवार की शाम तकनीकी दिक्कत के चलते बंद हुई छठवीं इकाई को भी इस इकाई के साथ ही उत्पादन पर ले लिया गया। अब परियोजना का उत्पादन बढ़कर 1800 मेगावाट पहुंच गया। दो माह के भीतर परियोजना का अब तक यह सर्वाधिक उत्पादन है। शनिवार को छठीं, सातवीं इकाई से पूर्ण क्षमता से उत्पादन शुरू होने के बाद परियोजना का उत्पादन बढ़कर 2300 से 2400 मेगावाट के करीब पहुंच जाएगा।
अब सिर्फ 210 मेगावाट की तीसरी इकाई वार्षिक अनुरक्षण पर होने के कारण बंद है। इसको भी जल्द उत्पादन पर आने की उम्मीद जताई जा रही है। उधर, ऊर्जांचल में लगभग रोजाना बारिश के चलते एनसीएल में कोयला उत्पादन को लेकर अभी भी दिक्कत बनी है। इसके चलते गुरुवार को अनपरा को महज 25 हजार टन कोयला ही मिल पाया। अनपरा सीजीएम त्रिभुवन तिवारी का कहना है कि पर्याप्त कोयला उपलब्धता के साथ बेहतर उत्पादन को लेकर प्रयास जारी है।