पशुपालन विभाग की तरफ से जिले में पशुओं के टैगिंग के लिए एक साल से अधिक समय से अभियान चल रहा है। बावजूद अब तक टैगिंग का काम पूरा नहीं हो सका है। बुधवार को समीक्षा के दौरान टैगिंग की प्रगति धीमी होने पर सीडीओ डॉ. अमित पाल शर्मा ने नाराजगी जताई है। उन्होंने पंद्रह दिन में लक्ष्य के सापेक्ष टैगिंग पूरा करने का निर्देश दिया है।
सीवीओ डॉ. एके श्रीवास्तव ने बताया कि जिले में गोवंश और महिषवंश मिलाकर कुल 6.98 लाख पशुओं के कान में टैगिंग करना है। एक साल से अधिक समय से टैगिंग की जा रही है। कोरोना महामारी के चलते और टैगिंग कराने में पशुपालकों के रुचि न लेने के कारण अभी तक टैगिंग पूरा नहीं हो सका है। अभी तक महज 87 प्रतिशत यानी 604516 पशुओं का ही टैगिंग का काम पूरा हुआ है। बताया कि पशुओं के कान में टैग लगाया जा रहा है। इसके बाद इसकी ऑनलाइन फीडिंग कराई जा रही है। आने वाले समय में टैगिंग कराए पशुपालकों को ही सरकार की योजनाओं का लाभ मिलेगा। टैगिंग कार्य धीमी गति से होने पर सीडीओ डॉ. अमित पाल शर्मा ने समीक्षा के दौरान नाराजगी जताई है। उन्होंने सीवीओ को पंद्रह दिन के अंदर पशुओं का टैगिंग कराने के लिए निर्देशित किया है। मुख्य पशुचिकित्साधिकारी डॉ. एके श्रीवास्तव ने कहा कि अभियान चलाकर पशुओं की टैगिंग की जा रही है। पंद्रह दिन में सभी पशुओं को टैग लग जाएगा। इसके लिए टैगिंग कर रहे टीम को निर्देशित किया गया है।