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बिजली कटौती पर फूटा गुस्सा, विरोध में लोगों ने किया चक्काजाम

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जिस रिहंद बांध के भरोसे करीब 20 हजार मेगावाट बिजली तैयार हो रही है, उसके प्रारंभिक छोर पर बसे रेणुकूट नगर में ही बिजली व्यवस्था ध्वस्त है। अफसरों के आश्वासन के बावजूद बिजली आपूर्ति में सुधार न होने से क्षुब्ध लोगों ने मंगलवार की रात वाराणसी-शक्तिनगर मुख्य मार्ग को जाम कर दिया। बिजली विभाग के खिलाफ जमकर नारेबाजी की गई। दो दिन पहले भी लोगों ने यहां जाम लगाया था।
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मंगलवार की रात नौ बजे बिजली गुल हो गई। काफी देर तक इंतजार करने के बाद भी 11 बजे तक बिजली न आने पर नगर स्थित पीएनबी शाखा के समीप आक्रोशित नागरिकों ने सूरज ओझा के नेतृत्व में मुख्य मार्ग को जाम कर दिया। मौके पर पहुंचे थानाध्यक्ष अजय कुमार सिंह ने आक्रोशित लोगों को किसी तरह समझा-बुझाकर जाम समाप्त कराया। बुधवार की सुबह लोगों ने फिर विद्युत वितरण खंड कार्यालय पर पहुंच कर धरना दिया। व्यापार मंडल अध्यक्ष सूरज ओझा ने कहा कि विद्युत कटौती का कोई समय निर्धारित नहीं है। कभी भी बिजली काट कर आम लोगों को परेशान किया जा रहा है। अधिशासी अभियंता शुभेंदु शाह ने बताया कि शक्ति भवन के निर्देश पर आकस्मिक रोस्टरिंग की जा रही है। इसमें स्थानीय स्तर पर हम कुछ नहीं कर सकते। इस संबंध में उच्चाधिकारियों से लिखा पढ़ी की जाएगी और आम जनता को राहत दिलाने का प्रयास किया जाएगा।
बिजली कटौती हुई तो करेंगे आंदोलन
लगातार बिजली कटौती करने और गांवों में देर तक बिजली न पहुंचने के मामले में बुधवार को भाजपा नेता डीसीएफ चेयरमैन सुरेंद्र अग्रहरि ने एक्सईएन, एसडीओ और जेई पर मनमानी बिजली कटौती का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि विभागीय मनमानी के कारण ग्रामीणों को बिजली नहीं मिल रही है। बिजली कटौती न करने के सरकार के फैसले के बाद भी विभाग अपनी मनमानी पर उतारू है। उन्होंने कहा कि सरकार की छवि धूमिल करने के लिए विभाग इस तरह के कार्य कर रहा है। उन्होंने अधिकारियों से मनमानी रोकने का आग्रह करते हुए कभी भी सड़क पर उतर आंदोलन करने की चेतावनी दी है।
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