सोनभद्र। बेसिक शिक्षा विभाग के विद्यालयों में आनंदम के जरिये बच्चों के बौद्धिक, शारीरिक और मानसिक विकास की पहल की गई है। प्रत्येक शनिवार को स्कूलों में विशेष कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। गीत-संगीत, योग और व्यायाम से बच्चों को मानसिक व शारीरिक रूप से स्वस्थ रहने का अभ्यास कराया जा रहा है।
बच्चों की बौद्धिक, शारीरिक और मानसिक क्षमता के विकास के लिए राज्य शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद ने प्रत्येक शनिवार को नो बैग डे घोषित किया है। साथ इस दिन आनंदम कार्यक्रम आयोजित करने का निर्देश है। इसमें कक्षा छह से आठ तक के बच्चों को बस्ते के बोझ से मुक्त कर मनोरंजक गतिविधियों से उनके व्यावसायिक कौशल और सकारात्मक दृष्टिकोण विकसित करने के लिए कहा गया है।
इन गतिविधियों से बढ़ाई जाएगी बच्चों में समझ
अभ्यारण्य/चिड़ियाघर भ्रमण, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डेटा साइंस, रोबोटिक्स पर विशेषज्ञ व्याख्यान, योग, फोटोग्राफी, सार्वजनिक कार्यालयों का भ्रमण, बैंकिंग गतिविधि, कठपुतली, पतंग बनाना-उड़ाना, राष्ट्रीय स्मारकों का भ्रमण, जूट से क्राफ्ट निर्माण, जल परीक्षण, सौर ऊर्जा केंद्र का भ्रमण कराया जाएगा। साइबर सुरक्षा पर व्याख्यान-वार्ता, खेल, ग्राम पंचायत चुनाव प्रक्रिया, गृह उद्योग, बाल मेला, नृत्य, नाटक और माइम्स, ऐतिहासिक स्मारकों की यात्रा, विद्युत उपकरणों से परिचय, हरे पत्तों से बर्तन निर्माण, पुलिस स्टेशन का भ्रमण, सिलाई, कपड़े के जूते-टी/शर्ट डिजाइन करने की जानकारी दी जाएगी। कंपोस्ट खाद का निर्माण, प्राथमिक उपचार, स्मार्ट गार्डनिंग सिस्टम की जानकारी
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कंपोजिट विद्यालय विसुंधरी शुरू हुआ कार्यक्रम
घोरावल। क्षेत्र के कंपोजिट विद्यालय विसुंधरी में शनिवार को आंनदक का शुभारंभ किया गया। समन्वयक दीनबंधु त्रिपाठी ने बताया कि गीत-संगीत, योग के साथ मनोरंजक कार्यक्रम कराए गए। एआरपी मयंक दुबे ने योगाभ्यास कराया। इस मौके पर श्वेता, रेखा, प्रीति, अंकित, सुलेखा, रूपा, सरगम, कंचन, प्रतिमा, मुन्नी देवी, फरजाना, सुनीता आदि की मौजूद थीं। संवाद
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शनिवार से सभी विद्यालयों में आनंदम कार्यक्रम शुरू कर दिया गया है। इसमें बच्चों के लिए विभिन्न तरह की गतिविधियां आयोजित की जाएंगी, ताकि उनका शारीरिक, मानसिक और बौद्धिक विकास हो सके। - मुकुल आनंद पांडेय, बीएसए।