कोतवाली क्षेत्र के मनबसा गांव में शुक्रवार की रात वृद्ध ने घर में बड़ेर के सहारे फंदा लगाकर जान दे दी। करीब डेढ़ साल पहले बेटा और फिर पांच माह पहले पत्नी की मौत के बाद वह सदमे में था। पुलिस ने शव कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
मनबसा गांव निवासी रामलखन गोंड (62) के दो पुत्रों में से बड़ा लड़का विजय चंडीगढ़ में राजगीर का काम करता है। छोटे पुत्र जगनारायण की करीब डेढ़ साल पहले बीमारी से मौत हो गई थी। वह जौनपुर काम करने गया था, वहीं बीमार पड़ा और दम तोड़ दिया। पांच महीने पहले पत्नी आग तापते समय झुलस कर घायल हुई। जिला अस्पताल में इलाज के दौरान उसकी भी मौत हो गई। इसके बाद से रामलखन सदमे में था।
परिजनों के मुताबिक वह रोजाना शराब का सेवन कर नशे में धुत रहता था। गांव में रह रहे छोटे पुत्र की पत्नी व अन्य परिजनों के मुताबिक शुक्रवार की रात खाना खाने के बाद रामलखन अपने कमरे में गया। सुबह काफी देर तक दरवाजा न खुलने पर परिजन उसे जगाने पहुंचे तो कोई उत्तर नहीं मिला। किसी तरह दरवाजा तोड़कर अंदर घुसे तो वहां बड़ेर के सहारे फंदे पर वृद्ध का शव लटकता देख सन्न रह गए। सूचना पाकर कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची। शव का पंचनामा कर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। कोतवाली प्रभारी कुमुद शेखर सिंह ने बताया कि मामला आत्महत्या का है। शव का पोस्टमार्टम कराकर परिजनों को सौंप दिया गया है।