बभनी अस्पताल में बस पलटने से घायल यात्री का उपचार करती स्वास्थ्य कर्मी।
थाना क्षेत्र के चपकी लैंपस के पास बुुधवार की सुबह हुए बस हादसे के बाद घायल चीखते-पुकारते रहे लेकिन एंबुलेंस करीब आधे घंटे बाद मौके पर पहुंची। इसको लेकर क्षेत्रीय लोगों में जबरदस्त गुस्सा नजर आया। हालांकि पुलिस के घटना के पांच मिनट के अंदर ही मौके पर पहुंचने के नाते लोग विरोध दर्ज नहीं करा सके। एंबुलेंस देर से पहुंचने की वजह गड्ढायुक्त सड़क बताते रहे और उसके जल्द मरम्मत की मांग भी सीओ के समक्ष रखी।
दक्षिणांचल में आए दिन बसों की तेज रफ्तार की वजह से दुर्घटनाएं होती रहती हैं। बस चालक एक स्टेशन पर सवारियों को भरने के लिए अपना निर्धारित समय गवां देते हैं और फिर दूसरे स्टेेशन पर जल्द पहुंचने के िलिए गाड़ियों की गति तेज कर देते हैं। इस नाते वाहन अनियंत्रित होकर पलट जाते हैं। बुधवार की सुबह चपकी लैंपस के सवारियों से भरी बस पलटने की यही वजह मानी जा रही है। उधर बस दुर्घटना में घायल सवारी मदद के लिए चीखती-पुकारती रही लेकिन सड़कों पर एक से तीन फीट तक गड्ढे के नाते एंबुलेंस घटना स्थल पर करीब आधा घंटे बाद पहुंची। सीएचसी में खड़ी एंबुलेंस को महज सात किमी दूरी तय करने के लिए आधा घंटा लगा।