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छत्तीसगढ़ और झारखंड बार्डर पर दिखे हथियारबंद, अलर्ट

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सोनभद्र। जिले से सटे पड़ोसी राज्यों में नक्सलियों के खिलाफ फोर्स ने अभियान छेड़ दिया है। नक्सली जान बचाने के लिए सीमावर्ती इलाकों में पनाह ले सकते हैं। खुफिया एजेंसियों को रविवार रात छत्तीसगढ़ एवं झारखंड बार्डर पर हथियार से लैश 15-20 व्यक्तियों के दिखाई देने की सूूचना मिलने के बाद फोर्स अलर्ट हो गई है। संभावना जताई जा रही है कि नक्सली थे। एसपी ने जंगलों में सघन कांबिंग करने और संदिग्धों को गिरफ्तार करने का निर्देश दिया है।
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पिछले माह छत्तीसगढ़ के सुकमा जंगल में नक्सलियों ने कांबिंग पर निकली पुलिस पार्टी पर हमला किया था। इसमें कई जवान शहीद हुए थे। घटना के बाद से केंद्रीय फोर्स के साथ जिले की पुलिस नक्सलियों के खिलाफ अभियान चलाकर कई नक्सलियों को ढेर कर चुकी हैं। बचने के लिए नक्सली सीमावर्ती इलाकों में पनाह लेने की फिराक में हैं, क्योंकि पूर्व में पड़ोसी बिहार, झारखंड, छत्तीसगढ़ में घटनाओं को अंजाम देने के बाद सोनभद्र के सीमावर्ती इलाकों में पनाह लेकर जान बचाते रहे हैं। हालांकि वर्ष 2012 में चोपन थाना क्षेत्र के बेलछ जंगल में पुलिस ने कुख्यात नक्सली मुन्ना विश्वकर्मा एवं उसके साथियों को असलहों के साथ गिरफ्तार कर नक्सली मूवमेंट समाप्त कर चुकी है। सूत्रों की मानें तो पड़ोसी राज्यों के कई नक्सली यूपी में पनाह लेकर नक्सली वारदात को अंजाम देकर फिर से अपना वर्चस्व कायम करने की फिराक में हैं। रविवार की रात बभनी थाना क्षेत्र से सटे छत्तीसगढ़ और विंढमगंज थाना क्षेत्र से सटे झारखंड बार्डर पर हथियार से लैश 15-20 लोगों के दिखाई देने की सूचना मिलने के बाद फोर्स पूरी तरह से अलर्ट हो गई है। सोमवार को जंगलों में पुलिस कांबिंग कर रही थी।
जिले से सटे राज्यों में नक्सलियों की चहलकदमी को देखते हुए फोर्स को अलर्ट कर दिया गया है। जंगलों में सघन कांबिंग जारी है। मुखबिरों को अलर्ट करते हुए फोर्स को संदिग्धों को गिरफ्तार करने का निर्देश दिया गया है। बार्डरों पर नक्सलियों के मौजूद होने की सूचना उन्हें नहीं मिली है, फिर भी सुरक्षा व्यवस्था तगड़ी कर दी गई है।
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आशीष श्रीवास्तव, पुलिस अधीक्षक
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