एक माह पूर्व से राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने प्रदूषण की निगरानी शुरू करा दी है। निगरानी में यह पाया गया है कि अनपरा-शक्तिनगर के बीच की सड़क पर प्रति किमी सौ किग्रा और कहीं कहीं इससे भी अधिक धूल हवा में है। स्थिति को देखते हुए निगरानी की जो समय सीमा दिसंबर तक तय की गई थी, अब उसे फरवरी तक के लिए बढ़ा दिया गया है। हालात जल्द नियंत्रण में हो, इसके लिए जहां नोटिस जारी कर पानी का छिड़काव शुरू करा दिया गया है।
प्रदूषण बढ़ा तो बढ़ेगा कोरोना संक्रमण
सर्दी के मौसम में धूल कण अधिक ऊंचाई तक नहीं पहुंच पाते। ऐसी स्थिति में प्रदूषण का स्तर काफी ज्यादा बढ़ जाता है। कई बार तो एयर इंडेक्स 300 के पार पहुंच जाता है। अगर प्रदूषण का स्तर बढ़ा तो कोरोना संक्रमण भी बढ़ सकता है। क्योंकि कोरोना भी फेफड़े के संक्रमण से जुड़ा होता है।
इसलिए इस पर प्रभावी नियंत्रण के लिए उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने गत दिनों अनपरा के औड़ी मोड़ से शक्तिनगर तक 18 किमी के बीच 17 स्थानों से धूल का सैंपल लिए थे। हवा या वाहनों के चलने से उड़ती है तो प्रदूषण का स्तर काफी ज्यादा बढ़ जाएगा। जो फेफड़े के संक्त्रस्मण को बढ़ाने में मददगार होगा।
अनपरा-शक्तिनगर के बीच स्थित सड़क पर प्रति किमी सौ किलो धूल की स्थिति चिंताजनक है। इसको नियंत्रित करने के लिए पीडब्ल्यूडी को नोटिस जारी कर दिन में तीन बार पानी छिड़काव का शेड्यूल तय किया गया है। एनसीएल को ट्रीटमेंट प्लांटों के निष्प्रयोज्य पानी का सड़क पर छिड़काव करने के निर्देश दिया गया है। ट्रकों, ट्रेलरों से हो रहे कोयला परिवहन सुरक्षित तरीके से करने का भी निर्देश दिया गया है। प्रदूषण नियंत्रण के मानकों से खिलवाड़ नहीं होने दी जाएगी।
राधेश्याम, क्षेत्रीय अधिकारी, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड