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Sonebhadra News: चार साल बाद ओबरा को मिला रजिस्ट्री कार्यालय, 123 गांवों की होगी रजिस्ट्री

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ओबरा। चार साल पहले तहसील बने ओबरा में अब जमीन की खरीद-बिक्री के लिए लोगों को अब रॉबर्ट्सगंज के चक्कर नहीं लगाने होंगे। इस तहसील को अपना रजिस्ट्री कार्यालय मिल गया है। शनिवार को प्रदेश के स्टांप, पंजीयन व न्यायालय शुल्क मंत्री और जिले के प्रभारी रवींद्र जायसवाल ने ओबरा तहसील के रजिस्ट्री कार्यालय का उद्घाटन किया। तहसील क्षेत्र के 123 गांवों की जनता को इसका लाभ मिलेगा।
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उद्घाटन समारोह में प्रभारी मंत्री ने जीरो टाॅलरेंस पर सरकार की प्रतिबद्धता को दोहराया। कहा कि सरकारी तंत्र में भ्रष्टाचार के खात्मे के लिए सरकार संकल्पित है। जिस भी स्तर पर गड़बड़ी होगी, उसके विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी। इस संकल्प को पूरा करने के लिए जनता को भी साथ देने की जरूरत है। इस मौके पर राज्य मंत्री संजीव सिंह गोंड, डीएम बद्रीनाथ सिंह, एसपी डॉ. यशवीर सिंह, भाजपा जिलाध्यक्ष नंदलाल, एआईजी स्टांप योगेश कुमार, सोनांचल बार एसोसिएशन के अध्यक्ष अर्जुन शर्मा, महामंत्री दिनेश पांडेय, उपाध्यक्ष धर्मेंद्र यादव, कपूर चंद्र पांडेय, पुष्पराज पांडेय आदि मौजूद रहे। संचालन अधिवक्ता धर्मेंद्र सिंह ने किया।
दान पत्र की सुविधा का चार लाख लोगों ने उठाया लाभ
उन्होंने रजिस्ट्री में दान पत्र की सुविधा को सरकार की नवाचार वाली पहल से प्रेरित बताया। कहा कि पांच हजार रुपये में दान पत्र की सुविधा शुरू की गई है। पहले एक करोड़ की संपत्ति भाई, बहन, बेटी, पोता सहित अन्य रिश्तों को दान में देने पर सर्किल रेट के अनुसार स्टांप शुल्क देना पड़ता था। अब सिर्फ पांच हजार रुपये में ही रजिस्ट्री हो जा रही है। प्रदेश के चार लाख से अधिक लोगों ने इसका लाभ उठाया है।
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