दुद्धी व सिविल बार एसोसिएशन ने बुधवार को संयुक्त रूप से प्रेसवार्ता कर एडवोकेट एक्ट व अधिवक्ता कल्याण निधि की मांग उठाई। इस बारे में सरकार से प्रतिनिधिमंडल के माध्यम से मिलने का निर्णय लिया गया। झारखंड सरकार के फैसले को सराहा।
दुद्धी बार एसोसिएशन के अध्यक्ष प्रेमचंद यादव व सिविल बार एसोसिएशन अध्यक्ष प्रभु सिंह कुशवाहा ने कहा कि झारखंड सरकार ने अधिवक्ताओं को स्वास्थ्य बीमा और अधिवक्ताओं के आश्रितों को भी स्वास्थ्य बीमा का लाभ 10 लाख रुपये तक तय किया है।
यूपी सरकार को भी इसी तर्ज पर व्यवस्था लागू करने की जरूरत है। यहां प्रदेश के सभी अधिवक्ताओं का स्वास्थ्य बीमा और अधिवक्ता हित में अधिवक्ता कल्याण निधि पांच लाख से बढ़कर 15 लाख रुपये तक किया जाना चाहिए।
यूपी बार कौंसिल के अध्यक्ष प्रतिनिधिमंडल के माध्यम से प्रदेश सरकार से मिलकर इस दिशा में ठोस योजना बनाकर उसे साकार कराए। इस अवसर पर सचिव महेन्द्र जायसवाल, आशीष गुप्ता आदि उपस्थित रहे।