फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

जिले में पर्याप्त मात्रा में खाद उपलब्ध

विज्ञापन
विज्ञापन
खरीफ की खेती में जुटे किसानों को खाद की कमी से नहीं जूझना पड़ेगा। जिले में लक्ष्य से डीएपी और यूरिया का चालीस फीसदी स्टॉक उपलब्ध है। वर्तमान में समितियों से गेहूं उठान में हो रही देरी की वजह से खाद वितरण में दिक्कत आ रही है। पीसीएफ के अधिकारियों को तीन-चार दिन के दिन समितियों का एक चेंबर खाली करने के लिए निर्देश दिया गया है।
विज्ञापन

जिले में लगातार एक सप्ताह तक हुई बारिश की वजह से खेती का कार्य रफ्तार पकड़ने लगा है। समतल इलाके के किसान जहां धान की नर्सरी डालने में जुटे हैं। वहीं दक्षिणांचल के किसान मक्का, अरहर, उड़द व सब्जी की बुआई कर रहे हैं। प्रशासन ने भी किसानों को खाद, बीज एवं कीटनाशक दवाएं कम दर पर उपलब्ध कराने के लिए पहल की जा रही है। खरीफ सीजन में किसानों को खाद की कमी न हो इसका विशेष ध्यान दिया जा रहा है। सहकारी समितियों के जरिये किसानों में वितरण के लिए डीएपी और यूरिया पर्याप्त मात्रा में स्टॉक रखा गया है। इसलिए खेती बारी के लिए किसानों को इस साल खाद की कमी नहीं होगी। सहकारिता विभाग से मिली जानकारी के अनुसार वर्तमान में समितियों के जरिए किसानों को देने के लिए चार हजार मीट्रिक टन से अधिक यूरिया एवं सात हजार टन से अधिक डीएपी उपलब्ध है। शासन से प्रति बोरी यूरिया का रेट 266 एवं डीएपी 1200 रुपये निर्धारित किया गया है। मौसम को देखते हुए किसान समितियों से खाद निकासी शुरू कर दी गई है लेकिन समितियों से अभी तक गेहूं उठान नहीं होने के कारण खाद वितरण में दिक्कत आ रही है। इससे समितियों का ऋण वितरण भी प्रभावित हो रही है। एआर कोआपरेटिव ने बताया कि समितियों से गेहूं उठान करने के लिए पीसीएफ के अधिकारियों से बोला गया है ताकि खाद वितरण शुरू किया जा सके।
वर्जन:
किसानों को डीएपी और यूरिया की कमी नहीं होने दी जाएगी। समितियों से गेहूं उठान में विलंब से खाद वितरण में दिक्कत आ रही है। पीसीएफ के अधिकारियों से तीन से चार दिन में प्रत्येक समिति का कम से कम एक चेंबर खाली करने के लिए कहा गया है ताकि खाद का वितरण किया जा सके।-टीएन सिंह, सहायक आयुक्त एवं सहायक निबंधक सहकारिता-सोनभद्र।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें