सोनभद्र। अब लीज की भूमि एवं मकानों में स्कूलों को संचालित करने के लिए मान्यता नहीं मिलेगी। बीएसए द्वारा टीम भेजकर स्कूलों की मान्यता के लिए प्राप्त आवेदन पत्रों की जांच कराई जाएगी। टीम यह पता लगाएगी कि आवेदक जिस भूमि पर स्कूल खोलने की अनुमति मांग रहा है वह उसके नाम से है या नहीं। आवेदनकर्ता की भूमि या मकान होने पर ही उसे विद्यालय चलाने की मान्यता मिलेगी।
बता दें कि योगी सरकार ने शिक्षा विभाग को बगैर मान्यता के चल रहे स्कूलों को बंद कराने के साथ ही मानकों को पूरा करने वाले को ही विद्यालयों के संचालन की अनुमति देने का निर्देश दिया है। वर्तमान में जिले में मान्यता प्राप्त 306 प्राथमिक विद्यालय एवं 182 उच्च प्राथमिक विद्यालय संचालित हो रहे है। राबट्र्सगंज ब्लॉक क्षेत्र में मान्यता प्राप्त प्राथमिक विद्यालय की संख्या 83, उच्च प्राथमिक विद्यालयों की संख्या 43 है। जबकि चतरा में प्रा.वि. 19, उ.प्रा.वि. 08, घोरावल में प्रा.वि. 31, उ.प्रा.वि. 42, चोपन में प्रा.वि. 48 उ.प्रा.वि. 26, नगवां में प्रा.वि.11 उ.प्रा.वि. 03, दुद्धी में प्रा.वि. 32 उ.प्रा.वि 15. बभनी ब्लॉक में 06 प्राथमिक विद्यालय व 01 उच्च प्राथमिक विद्यालय और म्योरपुर प्रा.वि 52. उच्च प्राथमिक विद्यालय 22 है। इनमें कई विद्यालय लीज के भूमि और मकानों में मान्यता लेकर संचालित हो रहे हैं। इनके अलावा नियमों को दरकिनार कर सदर, घोरावल और दुद्धी तहसील क्षेत्र में अवैध ढंग से दर्जनों प्राथमिक/उच्च प्राथमिक विद्यालय संचालित हो रहे हैं। बेसिक शिक्षाधिकारी डॉ. गोरखनाथ पटेल ने कहा कि शासन ने लीज की भूमि और जमीनों पर स्कूलों की मान्यता देने पर रोक लगा दी है।