बेटी की तरह पालन-पोषण करने का झांसा देकर किशोरी से दुष्कर्म करने के दोषी को अदालत ने बुधवार को 20 साल कठोर कारावास की सजा सनाई है। जुगैल थाना क्षेत्र के एक गांव में साढ़े चार साल पुराने मामले की सुनवाई करते हुए विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट अमित वीर सिंह की अदालत ने दोषी पर 50 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। जुर्माने की धनराशि से 40 हजार रुपये पीड़िता को दिए जाएंगे।
अभियोजन के मुताबिक जुगैल थाना क्षेत्र के एक गांव निवासी पीड़िता के पिता ने 17 मार्च 2021 को मुकदमा दर्ज कराया था। बताया था कि उसकी पांच बेटियां हैं, जिनमें से तीन की शादी को चुकी है। कक्षा-7 में पढ़ने वाली चौथी बेटी को अपनी संतान के रूप में रखकर पालन पोषण और शादी की जिम्मेदारी लेते हुए पट्टीदार रमेश ने अपने पास रख लिया था। रमेश की कोई बेटी नहीं थी।
आरोप लगाया कि बेटी को घर ले जाने के बाद रमेश उसके साथ दुष्कर्म करने लगा। जब गर्भ ठहर गया तो दवा खिलाकर गिरवा दिया। बेटी को धमकी दी कि अगर किसी से इस बारे में बताओगी तो जान से मार देंगे। उसके बाद बेटी को साढ़ू के घर में छोड़ दिया। वहां बेटी ने अपनी मौसी और मां को सारी बात बताई। पुलिस ने विवेचना के बाद अदालत में चार्जशीट दाखिल की थी।
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अदालत ने दोनों पक्षों के अधिवक्ताओं के तर्क सुनने, आठ गवाहों के बयान और पत्रावली के अवलोकन के बाद रमेश को दोषी करार देते हुए 20 साल कठोर कैद और 50 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। जुर्माने की राशि जमा न करने पर एक महीने अतिरिक्त कैद भुगतनी होगी। वही, जुर्माने की धनराशि से 40 हजार रुपये पीड़िता देने का आदेश दिया है।