सोनभद्र। अपर सत्र न्यायाधीश, विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट, सोनभद्र पंकज श्रीवास्तव की अदालत ने मंगलवार को पांच वर्षीय नाबालिग लड़की के साथ दुष्कर्म करने एवं उसकी हत्या करने के मामले में दोषी श्रीराम को दोष सिद्ध पाकर उम्रकैद एवं 21 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। वहीं अर्थदंड न देने पर एक साल की अतिरिक्त कैद भुगतनी होगी।
अभियोजन पक्ष के मुताबिक ओबरा थाना क्षेत्र के एक गांव निवासी व्यक्ति ने ओबरा थाने में 2 फरवरी 2014 को दी तहरीर में आरोप लगाया था कि उसकी पांच वर्षीय नाबालिग बेटी को 28 जनवरी 2014 को सुबह करीब 8 बजे साइकिल पर बैठाकर ओबरा थाना क्षेत्र के सेमरतर गांव निवासी श्रीराम ले गया, लेकिन बेटी घर वापस नहीं लौटी। जब लड़की की हर सम्भावित जगह तलाश किया तो उसका कहीं पता नहीं चला। उसके बाद जब श्री राम से लड़की के बारे में पूछताछ किया तो उसने कहा कि लड़की को छोड़कर खैराही चला गया था। इसके बाद लड़की की तलाश करने पर उसकी लाश नदी के किनारे मिली। इस तहरीर पर पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर मामले की विवेचना किया तो श्री राम के विरुद्ध पर्याप्त सबूत मिला जिसपर विवेचक ने न्यायालय में चार्जशीट दाखिल किया था। अदालत ने मामले की सुनवाई करते हुए दोनों पक्षों के अधिवक्ताओं के तर्कों को सुनने, गवाहों के बयान एवं पत्रावली का अवलोकन करने पर पर्याप्त सबूत पाए जाने पर दोषी श्री राम को उम्रकैद एवं 21 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। वहीं अर्थदंड न देने पर एक साल की अतिरिक्त कैद भुगतनी होगी।