ओबरा। ओबरा पुलिस ने बिल्ली मारकुंडी के पूर्व प्रधान राजाराम यादव समेत पांच लोगों के खिलाफ एससी-एसटी एक्ट सहित अन्य धाराओं में केस दर्ज किया है।
कोर्ट के आदेश पर कार्रवाई की गई है। आरोपियों पर जमीन के विवाद में मारपीट, गाली-गलौज, थूकने और पेशाब करने का आरोप है। सीओ ओबरा मामले की जांच कर रहे हैं।
बघमनवा निवासी उमाशंकर गोंड ने तहरीर में बताया कि उसका भाई पुनर्वास से जमीन के बंटवार का विवाद अदालत में लंबित है। इस बीच भाई ने अपने हिस्से की जमीन कुछ लोगों को बेच दी, जो पूर्व प्रधान राजाराम यादव के परिचित हैं।
आरोप लगाया कि राजाराम यादव ने खरीदी गई जमीन की बजाए उसके और अन्य भाइयों के हिस्से की जमीन पर कब्जा करने का प्रयास करने लगा। उन्होंने बंटवारे का वाद दाखिल किया था। इसके बाद से ही राजाराम उससे नाराज रहने लगा और जमीन बेचने के लिए दबाव बनाने लगा।
पीड़ित उमाशंकर का कहना था कि 29 अप्रैल को वह साइकिल से चोपन की तरफ जा रहा था। बग्घानाला से पहले राजाराम ने उसके ऊपर गाड़ी चढ़ाने का प्रयास किया। इसके बाद गाड़ी से उतरकर राजाराम व उसके चार साथियों ने उसके साथ गाली गलौज और मारपीट की।
आरोप लगाया उस दौरान तीन आरोपियों ने उसके ऊपर थूका और दो ने उस पर पेशाब कर दिया। उसने किसी तरह ओबरा कोतवाली पहुंचकर मामले की शिकायत की, मगर पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की।
इसके बाद कोर्ट में वाद दाखिल किया। इस संबंध में ओबरा एसओ राजेश सिंह ने बताया कि कोर्ट के आदेश पर पूर्व प्रधान समेत पांच लोगों पर मुकदमा दर्ज किया गया है। मामले की विवेचना सीओ कर रहे हैं।