जिले के 13 परीक्षा केंद्रों पर लेखपाल भर्ती परीक्षा रविवार को सुबह निर्धारित समय से शुरू हो गई। दो पालियों में होने वाली इस भर्ती परीक्षा में कुल 15031 अभ्यर्थियों को भाग लेना था, लेकिन परीक्षा में करीब 12681 परीक्षार्थी ही शामिल हुए। किन्हीं कारणवश 2350 परीक्षार्थियों ने परीक्षा छोड़ दी।
परीक्षा के लिए सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे। परीक्षा केंद्रों पर दंगा निरोधक दस्ता भी तैनात था। जिलाधिकारी संजय कुमार, पुलिस अधीक्षक शिवशंकर यादव और परीक्षा के नोडल प्रभारी अपर जिलाधिकारी मनीलाल यादव समेत अन्य प्रशासनिक और पुलिस के अधिकारी परीक्षा केंद्रों पर निगरानी करते रहे। सकुशल परीक्षा संपन्न होने के बाद अधिकारियों ने राहत की सांस ली।
जिले में लेखपाल भर्ती परीक्षा के मद्देनजर बनाए गए 13 परीक्षा केंद्रों पर प्रथम पाली की परीक्षा सुबह साढ़े दस बजे से दोपहर 12 बजे तक और द्वितीय पाली की परीक्षा तीन बजे से साढ़े चार बजे तक हुई। प्रवेश द्वार पर अभ्यर्थियों की सघन तलाशी लेकर उनके जेब से मोबाइल, कागज, बैग को रखवा लिया गया।
परीक्षा को सकुशल और नकलविहीन कराने के लिए पांच जोनल मजिस्ट्रेट, 13 सेक्टर मजिस्ट्रेट और 13 केंद्र व्यवस्थापकों की तैनाती की गई थी। डीएम संजय कुमार, एसपी शिव शंकर यादव ने औचक निरीक्षण कर केेंद्र व्यवस्थापकों से परीक्षा के दौरान आने वाली समस्याओं के बारे में जानकारी ली।
सीडीओ महेंद्र सिंह, एडीएम मनीलाल यादव, एएसपी (नक्सल) रामयज्ञ यादव, एएसपी (मुख्यालय) शंभूशरण यादव, सदर एसडीएम हर्षदेव पांडेय, घोरावल एसडीएम कैलाश सिंह, दुद्धी एसडीएम विश्राम सिंह यादव और सभी सीओ अलग-अलग परीक्षा केंद्रों का भ्रमण करते रहे। दोनों पालियों में एक भी नकलची नहीं पकड़ा गया। बस स्टैंड और रेलवे स्टेशन पर भी फोर्स की तैनाती की थी।