परिषदीय स्कूलों के हजारों बच्चों को समय से डीबीटी की धनराशि मिलने पर संशय है। ऐसे में स्कूल खुलने पर वे बिना यूनिफार्म स्कूल जाने को विवश होंगे।
जिले में बेसिक शिक्षा विभाग के अधीन 2061 विद्यालय संचालित हैं। इसमें 195211 बच्चे पंजीकृत हैं। विभाग की ओर से इन बच्चों को डीबीटी के जरिए यूनिफार्म, बैग, जूता और कापी के लिए 1200 रुपये उपलब्ध कराए जाने हैं। विभागीय नियमों पर गौर करें तो बिना आधार प्रमाणीकरण किसी को भी डीबीटी का लाभ नहीं मिल सकता है।
पिछले सत्र में भी इस नियम के कारण हजारों बच्चों लाभ से वंचित थे। इस बार 30 मई तक विभाग ने नामांकित बच्चों के आधार प्रमाणीकरण का निर्देश था। समय बीतने के बावजूद 25 फीसदी से अधिक बच्चों का आधार प्रमाणीकरण नहीं हो सका है। इसमें 10694 बच्चों का सत्यापन करमा, घोरावल, रॉबर्ट्सगंज, चोपन, चतरा सहित अन्य बीईओ के स्तर पर लंबित है। ऐसे में गर्मी की छुट्टी के बाद जब स्कूल खुलेंगे तो हजारों बच्चे निशुल्क यूनिफॉर्म और स्टेशनरी से वंचित हो जाएंगे।
कई अभिभावकों ने अब तक नहीं बनवाए आधार
ऐसे बच्चे जिनका आधार कार्ड अभी तक नहीं बना है।, उनका आधार कार्ड बनवाने के लिए बेसिक शिक्षा विभाग ने ब्लॉक संसाधन केंद्रों (बीआरसी) पर व्यवस्था कर दी है। हालत यह है कि एक दिन में 20-25 से अधिक आधार कार्ड नहीं बन पा रहे हैं। ऐसे में सबसे अधिक समस्या उन अभिभावकों को हो रही है, जो ग्रामीण इलाके से आते हैं। बीआरसी पर अधिक भीड़ होने पर घर वापस लौटना पड़ता है तो फिर कई दिनों तक आधार बनवाने जाते ही नहीं हैं। इस कारण कई स्थानों पर आधार प्रमाणीकरण के अपेक्षित परिणाम नहीं आ पा रहे हैं।