धंधरौल बांध पर सैर सपाटे के लिए आने वाले पर्यटकों को अब मायूस नहीं होना होगा। बांध को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने की कवायद तेज हो गई है। सिंचाई व जल संसाधन विभाग की मदद से पर्यटन विभाग यहां पर्यटन सुविधाओं को विकसित करेगा। इस पर 4.81 करोड़ रुपये खर्च होंगे।
इस धनराशि से पर्यटकों के लिए मल्टी परपज हॉल, गजीबो, टॉयलेट ब्लॉक, पार्किंग एरिया, व्यू प्वाइंट, शेड-बेंच आदि का निर्माण होगा। पर्यटक व्यू प्वाइंट से बांध का विहंगम नजारा देख सकेंगे। ब्रिटिश काल में वर्ष 1917 में घाघर नदी पर बना धंधरौल बांध सिंचाई और पेयजल का मुख्य स्रोत है।
पहाड़ों और जंगलों में होने वाली बारिश का पानी इस बांध में एकत्रित कर सालभर उपयोग किया जाता है। सोनभद्र के अलावा चंदौली और मिर्जापुर जिले की बड़ी आबादी भी इस बांध के पानी से लाभान्वित होती है। चारों तरफ हरियाली और ऊंचे पहाड़ों से घिरे बांध का नजारा पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र रहा है।
यहां नियमित रूप से पर्यटक पहुंचते हैं। विशेष अवसरों पर भीड़ लगती है। दूरदराज से आने वाले पर्यटकों को बांध के आसपास बुनियादी सुविधाएं न होने से परेशानियां होती है। शुद्ध पेयजल, शौचालय के लिए भटकना पड़ता है। बरसात के दिनों में उन्हें सिर छिपाने की जगह नहीं मिल पाती।
करीब डेढ़ साल पहले पर्यटन मंत्री जयवीर सिंह के नेतृत्व में पहुंचे तीन सदस्यीय मंत्री दल ने यहां पर्यटन सुविधाओं के विकास का निर्देश दिया था। इसके आधार पर पर्यटन विभाग ने कार्ययोजना बनाकर शासन को भेजा था। काफी समय प्रस्ताव सिंचाई विभाग की अनुमति के इंतजार में पड़ा रहा।
शासन के निर्देश पर अब सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग ने यहां पर्यटन सुविधाओं के कार्यों पर सहमति जताई है। माना जा रहा है कि जल्द ही यहां कार्य आरंभ होगा।
4.81 करोड़ रुपये से होंगे कार्य
धंधरौल बांध का मुख्य उपयोग सिंचाई और पेयजल परियोजनाओं के लिए होता है। इसकी सुरक्षा को देखते हुए पर्यटन के लिए बांध से 210 मीटर की दूरी पर सुविधाएं विकसित की जाएंगी। इसमें पर्यटकों के लिए मल्टी परपज हाल बनेगा। गजीबो, शेड-बेंच, टायलेट, कैफेटेरिया, पार्किंग के अलावा दो मंजिया व्यू प्वाइंट भी होगा। यहां से पर्यटक पूरे बांध के अद्भुत नजारे को निहार सकेंगे। इन कार्यों के लिए 4.81 करोड़ रुपये मंजूर हैं। भविष्य में यहां बोटिंग, कैंपिंग सहित वाटर स्पोर्ट्स पर आधारित गतिविधियों को भी शुरू करने की योजना है।
205 गांवों को पानी देता है तैरता इंटेकवेल
पीएम मोदी ने वर्ष 2021 में जल जीवन मिशन की शुरुआत धंधरौल बांध से ही की थी। हर घर जल योजना के तहत 205 गांवों के करीब 24 हजार परिवारों को पानी देने के लिए बांध में तैरता इंटेक वेल बनाया गया है। इंटेक से लिया जाने वाला रॉ-वाटर ट्रीमेंट प्लांट पहुंचता है और 7 पानी टंकियों के माध्यम से जलापूर्ति की जा रही है। पानी में तैरता इंटेक वेल भी खास है।
धंधरौल बांध को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने की योजना तैयार है। पर्यटकों की सुविधाओं के लिए यहां 4.81 करोड़ रुपये से विभिन्न कार्य कराए जाने हैं। सिंचाई विभाग की अनुमति के लिए लगातार पत्राचार किया जाता रहा है। सहमति के बाद शीघ्र ही कार्य शुरू होने की उम्मीद है।
-बृजेश कुमार, जिला पर्यटन अधिकारी।