सोनभद्र/वैनी। आकांक्षी जनपद में विकास कार्यों पर पानी की तरह पैसा बहाया जा रहा है। मगर इसका लाभ आम लोगों को नहीं मिल रहा। नगवां ब्लॉक के सुअरसोत के पंचायत भवन में प्राइवेट विद्यालय का संचालन हो रहा है, तो बाराडांड के पंचायत भवन में ग्रामीण मवेशी बांधते हैं। अधिकांश सार्वजनिक शौचालयों पर भी ताले लटक रहे हैं और इसके संचालन के लिए आ रहे बजट की बंदरबाट की जा रही है।
जिले में सभी ग्राम पंचायतों में पंचायत भवन (ग्राम सचिवालय) का निर्माण कराया गया है। ग्राम सचिवालयों में ग्रामीणों को आय, जाति, निवास प्रमाण पत्र के साथ ही मनरेगा व अन्य सरकार की योजनाओं का काम कराए जाने का निर्देश है। मगर ऐसा हो नहीं रहा है। नगवां ब्लॉक के सुअरसोत ग्राम पंचायत में करीब 22 लाख रुपये की लागत से 18 साल पहले पंचायत भवन का निर्माण कराया गया है। इस पंचायत भवन में लंबे समय से प्राइवेट विद्यालय का संचालन हो रहा है। ग्रामीणों के मुताबिक, यहां कक्षा एक से 10वीं तक की पढ़ाई कई साल से हो रही है। लेकिन पंचायती राज विभाग के अधिकारी इससे अनभिज्ञ हैं। इसी ब्लॉक के ग्राम पंचायत बाराडांड के पंचायत भवन में ग्रामीण मवेशी बांधते हैं। यह पंचायत भवन जर्जर स्थिति में है। रॉबर्ट्सगंज के विस्तारित क्षेत्र सजौर में बना शौचालय हो या नगवां ब्लॉक के पटवध और कजियारी ग्राम पंचायत का हो, यहां बने सार्वजनिक शौचालयों पर ताला लटक रहा है।
-
नाम सरकारी हैंडपंप, हो रहा निजी इस्तेमाल
जनपद के अधिकांश ग्राम पंचायतों में सरकारी हैंडपंपों में से करीब 40 फीसदी का निजी इस्तेमाल किया जा रहा है। हैंडपंप को खुले में लगाकर फिर उसे बाउंड्री के अंदर कर लिया गया है तो कहीं सबमर्सिबल पंप लगाकर हैंडपंप का निजी इस्तेमाल हो रहा है। जिला पंचायत से लगे हैंडपंपों में ज्यादा मनमानी हुई है। कहीं खेत में तो कहीं घर के अंदर बोरिंग कराई गई है।
-
पगडंडी से होकर पहुंचते हैं पंचायत भवन
नगवां ब्लॉक के ग्राम पंचायत चेरुई में पंचायत भवन का निर्माण तो हुआ है, मगर पंचायत भवन तक जाने के लिए रास्ता नहीं हैं। ऐसे में पंचायत भवन में काम कराने के लिए ग्रामीणों को पगडंडी से होकर जाना पड़ता है। लंबे समय से पंचायत भवन तक जाने के लिए रास्ता की मांग चल रही है, मगर अभी तक नहीं बन सका।
-
वर्जन:
जनपद के किसी ग्राम पंचायत में पंचायत भवन में निजी विद्यालय संचालन होने की जानकारी नहीं है। यदि ऐसा कहीं है तो मामले की जांच कराते हुए कार्रवाई की जाएगी। - राजेश सिंह, एडीपीआरओ।
-