रेणुकूट। पिपरी स्थित रिहंद बांध के बराईडांड़ नाव घाट के समीप घायल अवस्था में मिले एक चीतल की इलाज के दौरान मौत हो गई। उसके दोनों पैर टूटे हुए थे। शरीर के अन्य हिस्से में भी चोट के निशान थे। आसपास के लोगों ने कुत्तों द्वारा जख्मी करने की बात बताई गई थी।
पिपरी स्थित पशु चिकित्सालय के प्रभारी डॉ. मनीष कुमार मौर्या ने बताया कि बृहस्पतिवार की दोपहर 12 बजे वन विभाग के डिप्टी रेंजर दीपचंद सोनकर एक घायल मादा चीतल को लेकर आए थे। चीतल के पीछे के दोनों पैर टूटे हुए थे और जगह-जगह चोट के भी निशान थे जिसकी वजह से वह गंभीर रूप से घायल थी। इलाज शुरू करने के कुछ ही घंटे बाद ही उसकी मौत हो गई। डिप्टी रेंजर दीपचंद सोनकर ने बताया कि पिपलेश्वर महादेव मंदिर के पास बराईडांड़ नाव घाट से किसी ने फोन पर सूचना दी कि बांध के समीप घायल अवस्था में एक चीतल पड़ी हुई है जिसे कुछ कुत्ते काट रहे हैं। सूचना पर वन विभाग की टीम तत्काल वहां पहुंची और घायल अवस्था में पड़ी चीतल को तत्काल पशु चिकित्सालय ले जाया गया जहां डॉक्टर ने उसका इलाज शुरू किया। इलाज शुरू करने के कुछ ही घंटे बाद उसकी मौत हो गई। चीतल का अस्पताल परिसर में ही पोस्टमार्टम किया गया। चिकित्सक डॉ. मनीष कुमार मौर्या ने बताया कि मृत चीतल के शरीर पर कुत्तों के काटने के निशान भी हैं। तेज धूप होने की वजह से उसकी मौत हो गई।