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सिस्टम को चुनौती : पांच अस्पतालों-पैथाेलॉजी केंद्रों के सील होने के बाद भी तोड़ दिए ताले

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निजी अस्पताल की जांच करते नोडल अधिकारी।
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जिले में अवैध अस्पतालों और पैथोलॉजी केंद्रों का संचालन स्वास्थ्य विभाग के लिए बड़ी चुनौती बना हुआ है। विभाग की जांच में पांच ऐसे अस्पताल और पैथोलॉजी केंद्र दोबारा संचालित मिले, जिन्हें पहले सील किया जा चुका था।
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संचालकों ने ताला तोड़कर फिर से जांच और उपचार शुरू कर दिया था। अब इनके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराने की तैयारी की जा रही है। ग्रामीण क्षेत्रों में कई अस्पताल बिना मानकों के संचालित हो रहे हैं। कहीं झोलाछाप मरीजों का इलाज कर रहे हैं तो कहीं सीमित योग्यता वाले चिकित्सकों द्वारा जटिल उपचार किए जा रहे हैं।
इसके चलते मरीजों की मौत और हालत बिगड़ने जैसी घटनाएं सामने आती रहती हैं। हाल ही में कोन क्षेत्र में आशा कार्यकर्ता की प्रसव के दौरान मौत भी ऐसे अस्पताल में हुई थी, जिसे पहले दो बार सील किया जा चुका था। स्वास्थ्य विभाग के निरीक्षण में रामगढ़ क्षेत्र के सिलथम रोड स्थित साईंनाथ हॉस्पिटल, दुद्धी की मॉडर्न पैथोलॉजी, घोरावल की रुद्रा पैथोलॉजी, रेणुकूट की साईं पैथोलॉजी और मधुपुर की शिव पैथोलॉजी सील होने के बावजूद संचालित पाई गईं। विभाग ने इन्हें दोबारा सील करते हुए कारण बताओ नोटिस जारी किया है।
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