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किसानों को बताए अच्छी खेती के गुर

Sat, 24 Nov 2012 12:00 PM IST
Sonbhadra
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सोनभद्र। औद्यानिक परिसर लोढ़ी में शुक्रवार को आयोजित जिला स्तरीय रबी गोष्ठी किसानों के लिए काफी फायदेमंद रही। किसान मेला व प्रदर्शनी में किसान स्टालों पर लगे कृषि उत्पाद देख काफी प्रभावित नजर आए। स्टालों पर सजी कई किस्म की सब्जियों और बीजों के बारे में किसानों ने रुचि लेकर पूछताछ की।
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प्रदर्शनी व गोष्ठी का उद्घाटन प्रभारी जिलाधिकारी रामकृष्ण उत्तम ने दीप प्रज्वलित कर किया। साथ ही प्रदर्शनी का निरीक्षण भी किया। इस दौरान किसानों को कृषि संबंधी महत्वपूर्ण जानकारी कृषि विशेषज्ञों ने दी। किसान गोष्ठी में बैगन, टमाटर, ट्रैक्टर, धान, गेहूं के बीज, कीटनाशक दवा आदि के स्टाल लगाए गए थे। किसानों ने अपनी पैदा की गई फसल को स्टाल पर सजा रखा था जिसे देख दूरदराज से आए किसान प्रभावित हुए। गोष्ठी में कई किस्म के बीज भी रखे गए थे। गोष्ठी की अध्यक्षता कर रहे श्री उत्तम ने कहा कि आज के दौर में कृषि चुनौतीपूर्ण कार्य है। किसान देश की रीढ़ हैं। इनको प्रोत्साहित किए बिना देश का विकास नहीं किया जा सकता। उन्होंने किसानों से आग्रह किया कि वे कृषि उत्पादन में लक्षित वार्षिक वृद्धि पांच प्रतिशत को पूरा करने में पूरा योगदान देकर रबी अभियान 2012-13 को सफल बनाएं।
त्रिसुही विज्ञान केंद्र के कृषि वैज्ञानिक डा. एसबी द्विवेदी, डा. आरके आनंद, डा. एसएन सिंह, डा. अजीत सिंह वत्स्य ने किसानों द्वारा उठाए गए सवालों की जानकारी दी। उन्होंने खेती से जुड़ी किसानों की शंकाओं का समाधान किया और अच्छी खेती के टिप्स भी दिए। उप निदेशक कृषि डा. एसपी सिंह ने बताया कि जिले का कुल भौगोलिक क्षेत्रफल करीब 6 लाख 81 हजार हेक्टेयर है, जिसमें पहाड़, पठार व वन भी हैं। कृषि योग्य क्षेत्रफल करीब एक लाख 93 हजार हेक्टेयर है। रबी वर्ष 2012-13 में एक लाख चार हजार 851 हेक्टेयर रबी फसल का आच्छादन लक्ष्य रखा गया है। जिसमें धान्य फसलें 66 हजार 82 हेक्टेयर, दलहनी 28 हजार 847 हेक्टेयर, तिलहनी 9 हजार 922 हेक्टेयर है। रबी की मुख्य फसल गेहूं है। जिले का सिंचित क्षेत्रफल 54 हजार 234 हेक्टेयर है। रबी गोष्ठी में प्रगतिशील किसानों के साथ ही नाबार्ड के रईस अहमद, कृषि अधिकारी जोखन सिंह, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डा. एसपी सिंह, मत्स्य विभाग के रवींद्र प्रसाद, अपर जिला कृषि अधिकारी बनारसी सिंह आदि मौजूद थे। गोष्ठी का संचालन कीट रोग विशेषज्ञ लालजी सिंह ने किया।
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