सोनभद्र। लघु सिंचाई विभाग द्वारा जिले में नये कुओं के निर्माण और पुराने कुओं के गहरीकरण के नाम पर व्यापक पैमाने पर धन का गोलमाल किया जा रहा है। इसका खुलासा जांच अधिकारी के पांच ब्लाकों में निर्माणाधीन कुओं का स्थलीय निरीक्षण के बाद हुआ है। प्रथम चक्र की जांच रिपोर्ट के बाद सरकारी धन का बंदरबाट करने वालों मेें हड़कंप मच गया है। फिलहाल तीन सदस्यीय जांच टीम भ्रष्टाचार पर पर्दा डालने की फिराक में है।
गौरतलब हो कि बसपा सरकार की शासन काल में जिले में आरडीएआईएफ 15 योजना के अंतर्गत कुल आठ सौ नये कुओं के निर्माण और उतने ही पुराने का ब्लास्ट कर गहरीकरण कराए जाने के लिए करोड़ोें रुपये स्वीकृत हुआ था। संबंधित अधिकारियों ने नियमों को ताक पर रख कर करीब सात सौ कुआं का ठेका चहेते ठेकेदारों को दे दिया है। अधिकारियों के मिलीभगत से अधिकांश ठेकेदारों ने निर्मार्णाधीन कुओं मेें नाममात्र का काम करा कर धन निकाल लिया है। विगत दिनों एक्सईएन के निर्देश पर अवर अभियंता ने चोपन, नगवां, चतरा, म्योरपुर और बभनी ब्लाकों में निर्माणाधीन कुओं का स्थलीय निरीक्षण किया। इस दौरान कुओं के निर्माण कार्य में व्यापक पैमाने पर धांधली पाई गई। जेई ने प्रत्येक ब्लाक के करीब आठ-आठ कुओं की सैंपलिंग के आधार पर जांच कर प्रथम चक्र की रिपोर्ट एक्सईएन को सौंप दिया है। इस बारे मेें जांच अधिकारी आरके सिंह ने बताया कि जांच के दौरान कुओं के निर्माण कार्यों में अनियमितता मिली है, अभी भी जांच की जा रही है। सूत्रों की मानें तो कुओं के निर्माण कार्यों की जांच के लिए गठित टीम द्वितीय चक्र की जांच रिपोर्ट देने में हीलाहवाली कर रही है। इससे साफ जाहिर होता है कि टीम में सरकारी धन हजम करने वालों को बचाने में जुटी है। अधिशासी अभियंता डीएन शुक्ला ने कुछ बताने से इंकार कर दिया।