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छात्र कर्फ्यू से स्कूल, दुकानें बंद

Wed, 03 Sep 2014 05:30 AM IST
Sonbhadra
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ओबरा। राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय में प्रवेश सीटें बढ़ाने समेत 10 सूत्री मांगों को लेकर धरना दे रहे छात्रों के कर्फ्यू का मंगलवार को यहां व्यापक असर रहा। छात्र कर्फ्यू के चलते दुकानें पूरी तरह से बंद रहीं। इसी के मद्देनजर स्कूल, कालेज भी बंद करा दिए गए। ओबरा पुलिस छावनी के रूप में तब्दील नजर आया। छात्रों के जुलूस के साथ तीन थानों की पुलिस और पीएसी गश्त करती रही।
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राजकीय डिग्री कालेज ओबरा के छात्र सीटों में वृद्धि समेत दस मांगों को लेकर पिछले 16 दिनों से डिग्री कालेज गेट पर धरना दे रहे हैं। धरना को समाप्त कराने के लिए कई बार प्रशासन प्रयास कर चुका है लेकिन छात्र मांग पूरी होने की जिद पर अड़े हैं। छात्रों ने मांगों के समर्थन में मंगलवार को छात्र कर्फ्यू का एलान किया था। इस घोषणा का आज व्यापक असर दिखा। सुबह ही कोन, चोपन और ओबरा थाना पुलिस के साथ ही डाला चौकी पुलिस और पीएसी के जवान डिग्री कालेज गेट पर पहुंच गए। यहां से पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष नीरज भाटिया, दीपक शाह, पवन पटेल और प्रशांत सोनी की अगुवाई में छात्रों का जुलूस नगर में निकला। छात्र मांगों के समर्थन में नारेबाजी कर रहे थे। उनके साथ सुरक्षा व्यवस्था मेें थानों की पुलिस और पीएसी भी गश्त कर रही थी। छात्रों का जुलूस वीआईपी चौराहा, आर्य समाज रोड, सुभाष चौराहा, अंबेडकर चौराहा, चोपन रोड, गैस गोदाम रोड और गीता मंदिर चौराहा होते हुए वापस महाविद्यालय गेट पर पहुंचा। इस दौरान छात्रों ने बीच में पड़ने वाले सभी सरकारी और प्राइवेट विद्यालयों को बंद करा दिया। चाय-पान तक की दुकानों को छात्रों ने शांतिपूर्वक बंद कराया। तमाम दुकानदारों ने जुलूस आता देख खुद ही दुकानों का शटर गिरा दिया और छात्रों के समर्थन में जुलूस में शामिल हो गए। जुलूस वापस धरना स्थल पर पहुंचकर समाप्त हुआ। इस दौरान छात्र नेताओं ने कहा कि यदि उनकी मांगें पूरी नहीं होती हैं तो जिले भर में आंदोलन चलाया जाएगा और कालेज चलने नहीं दिया जाएगा। इस दौरान सुरेंद्र माली, जय प्रकाश आदि मौजूद रहे।
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