दुद्धी। ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत मंगलवार को ब्लाक सभागार में कार्यशाला आयोजित कर महिला किसानों को श्री विधि से धान की खेती के फायदे बताए गए। कार्यशाला के साथ ही श्री विधि से धान की खेती के लिए दिए जा रहे तेरह दिवसीय प्रशिक्षण का भी समापन किया गया।
ग्राम्य विकास विभाग की तरफ से इंटेंसिव ब्लॉक दुद्धी के 40 गांवों में 13 दिन तक स्वयं सहायता समूह की महिलाओं को उनके खेत में श्रीविधि से किये गए धान की खेती के उपज का ऑकलन किया। इस दौरान बिहार से आई आठ टीमों ने गांव के महिला किसानों को इस विधि से होने वाली खेती के तरीके और उसके फायदे बताए। मंगलवार को इसको लेकर कार्यशाला आयोजित कर विस्तृत जानकारी दी गई।अध्यक्षता कर रहे बीडीओ रमाकांत सिंह ने श्री विधि को दूसरे तरीकों से बेहतर बताया। ब्लॉक एंकर पर्सन जय कुमार जोशी ने श्री विधि और परंपरागत विधि के ऊपज में कितना अंतर है? इस पर रोशनी डाली। किसानों को सामान्य विधि की जगह श्रीविधि क्यों अपनाना चाहिए, इसको समाझाया गया। जैविक खाद, जैविक कीटनाशक के प्रयोग की भी जानकारी दी गई। आजीविका मिशन टीम ने श्री विधि से हुई खेती की ग्रामवार प्रगति की जानकारी दी। संचालन उपायुक्त स्वत: रोजगार करुणापति मिश्र के निर्देशन में किया गया। इस मौके पर अजय शंकर झा, सीताराम कुमार, जितेंद्र कुमार, राजेंद्र कुमार, उपेंद्र कुमार, एडीओ आईएसबी विजय कुमार आदि मौजूद रहे।