घोरावल (सोनभद्र)। नगर समेत ब्लॉक के कई दर्जन गांवों में जलस्तर नीचे हो जाने से पेयजल की स्थिति काफी गंभीर हो गई है। मनुष्य के साथ ही पशुओं के लिए भी जल का संकट गहराने लगा है। जब जनवरी, फरवरी के महीने में ही पानी के लिए इलाके में लोगों को भारी किल्लत का सामना करना पड़ रहा है तो मार्च से जून तक हाहाकार मचना तय है।
घोरावल ब्लॉक के सतौहा, नेवारी, भरौली, पाती, बंधा, डोमखरी, खिरिष्टा, बेलवनिया, करौंदिया, केवटा, सिरसाई, छाईन, नौगवां नंदलाल, खुटहां, बिसरेखी, मिझुन समेत ब्लॉक के अधिकांश गांवों में पेयजल को लगे ज्यादातर हैंडपंपों ने जवाब दे दिया है। तमाम जगहों पर हैंडपंप पानी नही दे रहा है तो कई स्थानों पर लाल पानी निकल रहा है। कई जगहों पर सबमर्सिबल भी जवाब दे दिया है, क्योंकि भूगर्भ जल स्तर काफी नीचे जा चुका है। रीबोर कराने के लिए काफी मात्रा में तहसील में आवेदन पत्र पड़ रहे हैं और लोग तेजी से रीबोर करा रहे हैं। यशपाल, संत कुमार बैसवार, अजय गिरि,स़ंदीप दूबे, सियाराम यादव, कुंज बिहारी बैसवार का कहना है कि इस वर्ष वर्षा काफी कम होने से भूगर्भ जल स्तर लगातार नीचे की तरफ खिसकता चला जा रहा है। यदि शासन ने इस ओर ध्यान नहीं दिया तो में पानी के लिए हाहाकार मच सकता है। अभी भी समय है कि क्षेत्र में पानी की समस्या के लिए एक कार्य योजना तैयार कर लिया जाए और उस पर अभी से अमल शुरू हो जाए अन्यथा गर्मियों में पानी के लिए पूरे इलाके में संकट खड़ा हो जाएगा। लोगों का कहना है कि नगर, ब्लॉक, तहसील, ग्राम पंचायत प्रत्येक स्तर पर पानी के लिए प्रशासन को पूरी क्षमता से लगना होगा, तभी जनता को राहत मिल सकती है।