जिला विधिक सेवा प्राधिकरण सोनभद्र के अध्यक्ष एवं जनपद न्यायाधीश रवीन्द्र विक्रम सिंह के निर्देशन में शनिवार को राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया गया। जिसका शुभारंभ जनपद न्यायालय परिसर में जनपद न्यायाधीश ने किया। इस दौरान डीएम बद्रीनाथ सिंह और एसपी अशोक कुमार मीणा भी उपस्थित रहे।
राष्ट्रीय लोक अदालत में कुल 78910 मामलों का निस्तारण किया गया। इससे जुर्माना एवं समाधान धनराशि 23 करोड़ 78 लाख 14 हजार 757 रुपये हुए। एमएसीटी कोर्ट अशोक कुमार में 50 मामले निस्तारित हुए। इसकी धनराशि 4 करोड़ 50 लाख 11 हजार 200 रुपये हुई।
स्थाई लोक अदालत नरेंद्र बहादुर प्रसाद की तरफ से 14 मामले निस्तारित किए गए और 15 लाख 14000 रुपये की वसूली हुई। विशेष न्यायाधीश (पॉक्सो) अमित वीर सिंह ने तीन मामले निस्तारित किए। जितेंद्र कुमार द्विवेदी की तरफ से 95 मामले निस्तारित किए गए।
विशेष न्यायाधीश (एससी-एसटी) आबिद शमीम की अदालत में 12 मामले निस्तारित हुए और 12 लाख 3000 जुर्माना राशि जमा हुई। अपर जनपद न्यायाधीश एफटीसी/सीएडब्लू अर्चना रानी ने दो, मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट आलोक यादव ने 1998 मामले निस्तारित किए।
साथ ही 398000 जुर्माना जमा कराया गया। सिविल जज सीडि अमित कुमार ने 75 मामले निस्तारित करते हुए 4677206 धनराशि जमा कराए। अपर सिविल जज सीडि/अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट स्वर्णमाला सिंह ने 224 निस्तारित किए।
यहां 282150 जुर्माना जमा कराया गया। सिविलि जज सीडि एफटीसी दीक्षि चौधरी ने 233, सिविल जज जूडि नावेद अख्तर ने 155 मामलों का निस्तारण कराया। सिविल जज जूडि दुद्धी अरुण सिंह ने 37, ग्राम न्यायालय घोरावल पंकज कुमार कुशवाहा में 62, अपर सिविल जज जूडि द्वितीय पारुल कुमारी के कोर्ट में 154 मामलों का समाधान हुआ।
अपर सिविल जज जूडि दुद्धी प्रशांत सिंह में 75, विशेष न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम मुरलीधर सिंह में तीन, विशेष न्यायिक मजिस्ट्रेट द्वितीय यमुना शंकर पांडेय ने 29 मामले निस्तारित कराए।
राष्ट्रीय लोक अदालत में सभी जनपद न्यायालय, राजस्व न्यायालय एवं अन्य न्यायालय एवं अन्य विभागों में लंबित एवं प्री-लिटिगेशन के कुल 78910 मामलों का निस्तारण किया गया। जिसकी जुर्माना एवं समाधान धनराशि 237814757 रुपये हुए। इस मौके पर प्राधिकरण के सचिव एवं अपर जनपद न्यायाधीश शैलेंद्र यादव आदि उपस्थित रहे।
बच्चों के भविष्य के लिए भुलाए गिले-शिकवे
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की तरफ से शनिवार को आयोजित राष्ट्रीय लोक अदालत में 14 बिछड़े दंपती को भी मिलाया गया। परिवार न्यायालय के प्रधान न्यायाधीश राजेंद्र सिंह की तरफ से इन विवाहित जोड़ों के बीच समझौते कराकर घर भेजा गया। इसमें किसी ने बच्चों के भविष्य के लिए अपने गिले-शिकवे भुलाए तो किसी ने मनमुटाव दूर कर एक साथ रहने का संकल्प लिया। सुलह करने वाले दंपती को न्यायाधीश ने पौधे भेंट कर जीवन को पौधे की तरह सहेजने का संदेश दिया। प्रधान न्यायाधीश ने दोनों को समझा कर भविष्य को संवारने की बात कहीं। सुलह होने पर न्यायालय में ही सभी दंपती ने एक-दूसरे को माला पहनाई। पति-पत्नी बेटी के साथ खुशी-खुशी घर रवाना हुए।