सोनभद्र। राजकीय पालीटेक्निक कालेज लोढ़ी में सोमवार को पीठासीन अधिकारियों का प्रशिक्षण हुआ। इसमें पीठासीन अधिकारियों को किसी का आतिथ्य स्वीकार न करें।
यहां जिला निर्वाचन अधिकारी अंकित कुमार अग्रवाल व प्रभारी अधिकारी कार्मिक अजय कुमार द्विवेदी ने कहा कि पीठासीन अधिकारी वास्तव में मतदान प्रक्रिया के प्रमुख अंग होते है। वे प्रशिक्षण की बारीकियों को समझने के साथ ही पीठासीन की डायरी का अक्षरश: अध्ययन करते हुए लोकसभा चुनाव का मतदान कुशलता पूर्वक संपन्न कराएं। पीठासीन अधिकारी निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार निष्पक्ष रहने के साथ ही अपने कार्य एवं आचरण से भी निष्पक्ष दिखें। मतदान के दौरान किसी का भी अतिथ्य स्वीकार न करें।
डीएम ने विधान सभा घोरावल, राबर्ट्सगंज, ओबरा व दुद्धी के पीठासीन अधिकारियों के लिए आयोजित प्रशिक्षण कक्षों में जा कर प्रशिक्षण की गुणवत्ता के स्तर का परीक्षण किया। उन्होंने कहा कि मतदान केंद्रों का आयोग का सबसे बड़ा अधिकारी पीठासीन अधिकारी होता है, जो भारत निर्वाचन आयोग के सीधे प्रतिनिधि के रूप में मतदान कराते हैं। उन्होने कहा कि पीठासीन अधिकारी, मतदान अधिकारियों का बूथों पर सीधा नियंत्रक होता है इसलिए पीठासीन अधिकारी को भारत निर्वाचन आयेेाग के सभी निर्देशों से भली भांति अवगत होकर मतदान कराना होता है। पीठासीन अधिकारियों का सीडीओ, डीडीओ ने सहित पूरी टीम ने कराया। यहां प्रशिक्षित इंजीनियरों ने मास्टर ट्रेनर्स को ईवीएम, कंट्रोल यूनिट, वीवीपैट के बारे में मौके पर भौतिक प्रशिक्षण कराकर जानकारी दी। पीठासीन अधिकारियों के उठाये सवालों का जवाब दिया। प्रथम पाली के प्रशिक्षण में विधान सभा घोरावल व राबर्ट्सगंज के पांच सौ पीठासीन अधिकारियों को प्रशिक्षित किया गया। दूसरी पाली में विधान सभा ओबरा व दुद्धी के पांच सौ पीठासीन अधिकारी प्रशिक्षित हुए। इस दौरान करूणाकर पति मिश्रा, शिव नरायण सिंह, प्रदीप गिरि, सलाहुद्दीन समेत अन्य मौजूद रहे।